सावन सोमवार के साथ आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का शुभ संयोग बना है। प्रदोष के दिन शिव पूजा सौभाग्य योग जैसे शुभ योग में करना काफी लाभकारी होगा।
जयपुर। सावन के आखिरी सोमवार पर आज सोम प्रदोष के संयोग में शिव आराधना का दौर जारी है। शिवालयों में अलसुबह से ही शिवजी के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि सावन महीने के अंतिम प्रदोष के दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं। सावन सोमवार के साथ आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का शुभ संयोग बना है। प्रदोष के दिन शिव पूजा सौभाग्य योग जैसे शुभ योग में करना काफी लाभकारी होगा। साथ ही सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी। सावन के आखिरी प्रदोष और सोमवार के दिन रुद्राभिषेक करना फलदायी होगा। सावन सोमवार की पूजा और व्रत रखने के दौरान कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए वरना आपकी पूजा और व्रत निष्फल भी हो सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
सुबह उठकर स्नान करने के बाद भोलेनाथ की पूजा करें। इस दौरान काले कपड़े पहनकर नहीं बैठना चाहिए।
शिव को प्रिय बिल्व पत्र जरूर चढ़ाए। शिव पूजा में सिंदूर, हल्दी, शंख, नारियल जैसी वस्तुओं का उपयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
सावन के पूरे महीने सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए। मांसाहारी भोजन खाने से बचना चाहिए। भगवान शिव को सात्विक भोजन पसंद है।
यदि आप सावन सोमवार का व्रत रखते हैं तो आपको फलाहार में नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसकी जगह आप सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कोई भी व्रत मन, कर्म और वचन की पवित्रता के साथ करने से ही फलित होता है। ऐसे में सावन सोमवार व्रत में काम, क्रोध, लोभ से दूर रहना चाहिए।
सुबह के समय शिवलिंग के रुद्राभिषेक के लिए चढ़ाए दूध का इस्तेमाल खुद के सेवन के लिए न करें।
आज ये रहेगा योग और समय
सौभाग्य योग: सुबह 09:56 से पूरी रात तक
सर्वार्थसिद्धि योग: मध्यरात्रि 2:43 बजे से 29 को सुबह 05:57 बजे तक
रवि योग : मध्यरात्रि 02:43 बजे से 29 सुबह 05:57 बजे तक