पत्रिका की खबर के बाद प्रशासन ने ली सुध,खराब टॉयलेट्स् के मेंटेनेंस के लिए मिलेगा बजट
प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल (sawai mansingh hospital) में अब सुविधाओं की दशा एक करोड़ रुपए की लागत से सुधरेगी।
पत्रिका में 29 अक्टूबर को 'एसएमएस अस्पताल की बिगड़ी व्यवस्थाओं से सीएम साहब को नहीं,बल्कि हर रोज कई महिलाओं को भी आती हैं शर्म' शीर्षक से खबर लगने के बाद अस्पताल प्रशासन ने वार्डों में बिगड़ी व्यवस्थाओं पर ध्यान देते हुए प्रस्ताव चिकित्सा विभाग को भेजा हैं।
जिसके बाद अब मरीजों को मिलने वाली बदहाल सुविधाओं के हाल में सुधार आएगा। बजट और देखरेख के अभाव में बिगड़ रहे हैं हालातों में अब जल्द ही सुधार आएगा।
एक करोड़ रुपए के बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन जल्द ही अस्पताल के खराब टॉयलेट्स की दशा में सुधार करेगा। अभी वर्तमान में अस्पताल के वार्डों की हालात यह है कि कहीं टॉयलेट के गेट टूटे है तो कही सीट टूटी हुई है।
यह सब सिर्फ पुरुषों को मिलने वाली सुविधाओं के ही नहीं बल्कि महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं के भी ऐसे ही हाल हैं। जिस कारण से अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली सैकंडों महिलाओं को हर रोज शर्मिंदगी के दौर से गुजरना होता हैं।
कुछ दिन पहले अस्पताल में पहुंचे प्रदेश के सीएम ने अस्पताल की गंदगी को लेकर सवाल उठाए थे। साथ ही अस्पताल में फैली गंदगी को लेकर कहा था कि मुझे भी शर्म आ गई कि ये क्या है।
लेकिन अस्पताल में सफाई व्यवस्था ही नहीं बल्कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं भी बदहाल हैं। अस्पताल के अलग अलग वार्डों में जाकर देखा जाए तो यहां पर महिलाओं के टॉयलेट के गेट टूटे हुए है, तो कहीं पर टॉयलेट की सीट टूटी हुई हैं।
डॉ.अचल शर्मा,अधीक्षक,एसएमएस अस्पताल