
SMS reaching 1 thousand patients daily suffering from stomach diseases
जयपुर
एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के पास बने नए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के शुरू कर दिया गया हैं। इससे अस्पताल की धनवंतरी ओपीडी में दिखाने आने वाले मरीजों का भार कम हुआ है। नई बिल्डिंग में सभी पेट संबंधी बीमारियों से जुड़े विभागों को शिफ्ट किया गया है।
जिसके बाद से नए भवन में करीब 1 हजार की संख्या में मरीज रोजाना ओपीडी में दिखाने के लिए पहुंच रहे हैं। सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में शिफ्ट किए गए सभी विभाग पेट संबंधी बीमारियों से जुड़े हैं। जिसमें नेफ्रोलॉजी, यूरोेलॉजी, गेस्ट्रो इंट्रोलॉजी और हिप्टो पेनक्रिएटो बिलेरी सर्जरी शामिल है।
अब इन विभागों से जुड़ी बीमारियों के मरीजों को इलाज इसी ब्लॉक में किया जा रहा है। पहले इन चारों विभागों के मरीजों का भार भी सवाई मानसिंह अस्पताल के मुख्य भवन में ही था। लेकिन अब टोंक रोड पर ट्रॉमा सेंटर के पास बने इस नए भवन में पेट संबंधी बीमारियों का इलाज शुरू होने से एसएमएस से मुख्य भवन से करीब एक हजार से अधिक मरीजों और उनके परिजनों का भार कम हो गया हैं।
मरीजों और अस्पताल को यह फायदा
एसएमएस अस्प्ताल के अधीक्षक डॉ.विनय मल्हौत्रा ने बताया कि 7 मंजिला यह ब्लॉक बनने से मरीजों और अस्पताल को फायदा हुआ है। पहले गाल ब्लेडर, किडनी, यूरिन, पेनक्रियाज, पथरी सहित पेट से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए मरीज व उनके परिजन धनवंतरी ओपीडी में आते थे।
लेकिन अब इनके लिए ओपीडी और आइपीडी की व्यवस्था सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में शुरू हो गई है। इस सप्ताह से नए भवन में कामकाज शुरू होने से करीब एक हजार की संख्या में मरीज ओपीडी में पहुंच रहे है। जिनमें से जरूरत होने से हर रोज करीब 50 की संख्या में मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।
पहले यह धनवंतरी ओपीडी में पहुंच रहे थे। ऐसे में धनवंतरी में अगर रोजाना करीब 8 हजार मरीजों की ओपीडी थी तो अब यह घटकर 7 हजार की ही ओपीडी रह गई। जिससे मरीजों के रजिस्ट्रेशन से लेकर जांच तक के समय में बचत होने लगी।
क्योकि 320 बेड वाले इस सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में 50 आइसीयू, 6 मॉडयूलर आपरेशन थिएटर, एमआरआइ मशीन, 7 एंडोस्कोपी मशीन, 45 डायलिसिस टेबल और मरीजों के परिजनों के लिए वेटिंग रुम भी है। पहले यह सुविधा एसएमएस में एक ही जगह पर नहीं थी।
मरीज को धनवंतरी में दिखाने के बाद जांच के लिए दूसरी जगह जाना होता था। लेकिन अब एक ही छत के नीचे सभी तरह के इमरजेंसी ओटी से लेकर ट्रांसप्लांट तक की व्यवस्था कर दी गई हैं। जिससे मरीजों,उनके परिजनों और अस्पताल को फायदा हुआ है।
Updated on:
20 Apr 2022 01:15 pm
Published on:
20 Apr 2022 10:46 am
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