16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

SMS अस्पताल में शुरू होगा स्पेशलिटी क्लीनिक, मिर्गी, लकवा, डिमेंशिया मरीजों को मिलेगा फायदा

Jaipur SMS Hospital: मर्गी, लकवा, डिमेंशिया एवं मूवमेंट डिसऑर्डर के मरीजों के लिए ( SMS ) सवाई मानसिंह अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग की ओर से जल्द ही ( Specialty clinics ) स्पेशयलिटी €क्लीनिक की शुरुआत की जाएगी। ( RAJASTHAN NEWS IN HINDI ) इस €क्लीनिक के खुलने से मरीजों को न केवल बेहतर इलाज मिल सकेगा, बल्कि अलग-अलग रोगों के रोगियों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।

less than 1 minute read
Google source verification
SMS Hospital

SMS Hospital

Jaipur SMS Hospital: मर्गी, लकवा, डिमेंशिया एवं मूवमेंट डिसऑर्डर के मरीजों के लिए ( SMS ) सवाई मानसिंह अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग की ओर से जल्द ही ( Specialty clinics ) स्पेशयलिटी €क्लीनिक की शुरुआत की जाएगी। ( RAJASTHAN NEWS IN HINDI ) इस €क्लीनिक के खुलने से मरीजों को न केवल बेहतर इलाज मिल सकेगा, बल्कि अलग-अलग रोगों के रोगियों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।

जानकारी के अनुसार न्यूरोलॉजी आउटडोर के अतिरिक्त स्पेशयलिटी €क्लीनिक शुरू करने के लिए अस्पताल अधीक्षक डॉ. डी.एस. मीणा और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने इसकी
स्वीकृति दे दी है।नई व्यवस्था पर चिकित्सकों का कहना है कि अभी न्यूरोलॉजी में जनरल ओपीडी है। ओपीडी में मिर्गी लकवा, डिमेंशिया सभी तरह के मरीज आ रहे हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने से विशेष ध्यान देने में परेशानी हो रही है।

आपको बता दे एसएमएस में रोजाना 600 से 800 मरीज न्यूरो के आ रहे हैं। ऐसे में अलग-अलग बीमारियों के मरीजों का रिकॉर्ड रख पाना मुश्किल हो रहा था। अलग-अलग €क्लीनिक में मरीजों का रिकॉर्ड मेंटेंन होगा। इससे बेहतर तरीके से इलाज हो पाएगा,एवं शोध कार्यों में काफी सहायता मिलेगी।


इधर जयपुर स्थित सीतापुरा, प्रतापनगर, जगतपुरा सहित आसपास के गांवों के लोगों के लिए अच्छी खबर है। लोगों को सामान्य सर्जरी के लिए अब एसएमएस तक नहीं जाना पड़ेगा। राजस्थान यूनिर्विसटी ऑफ हेल्थ साइंस (आरयूएचएस) में ओपीडी बढऩे के साथ ही सभी तरह की सर्जरी भी शुरू हो गई हैं। जानकारी के अनुसार यूनिर्विसटी परिसर में संचालित हॉस्पिटल में नि:शुल्क दवा एवं नि:शुल्क जांच योजना शुरू होने के बाद इंडोर और आउटडोर मरीजों की संख्या दुगुनी हो गई है। चिकित्सा मंत्री ने भी मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्साकर्मी प्रतिनियुक्€ति पर उपलŽध करवाने के निर्देश दिए हैं।