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शिविर में संस्कार सीखेंगे स्टूडेंट्स

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान संस्कृत अकादमी, राजस्थान ललित कला अकादमी, राजस्थान सिंधी अकादमी और करुणा संस्थान मिलकर संस्कार संस्कृति शिविर का आयोजन करेंगे।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jun 19, 2022

शिविर में संस्कार सीखेंगे स्टूडेंट्स

शिविर में संस्कार सीखेंगे स्टूडेंट्स

शिविर में संस्कार सीखेंगे स्टूडेंट्स
अकादमी संकुल में 24 जून से शुरू होगा तीन दिवसीय शिविर
जयपुर।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान संस्कृत अकादमी, राजस्थान ललित कला अकादमी, राजस्थान सिंधी अकादमी और करुणा संस्थान मिलकर संस्कार संस्कृति शिविर का आयोजन करेंगे। 24 जून से 26 जून तक अकादमी परिसर में इसका आयोजन होगा। अकादमी के प्रशासक सीता राम भाले ने बताया कि शिविर में दसवीं कक्षा से लेकर स्नातक सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढऩे वाले स्टूडेंट्स भाग ले सकेंगे। आवेदन 23 जून तक ऑनलाइन किए जा सकेंगे। शिविर में जीवन, कला, नैतिक मूल्य, चरित्र निर्माण, सोशल मीडिया, परिवार राष्ट्र और प्रबंधन पर आधारित रोचक सत्र होंगे। कला और संस्कृति मंत्री, न्यायाधिपति, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार, विषयविज्ञों के साथ शिक्षाविद्, कलाविद् और मोटिवेनशनल स्पीकर के व्याख्यान, संवादात्मक सत्र और प्रश्रोत्त्तरी होगी। सहभागी विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों को प्रमाणपत्र और विद्यार्थियों को विशेष उपहार दिए जाएंगे।

एसएमएस आईपीडी टावर की ऊंचाई को मिला 'ग्रीन सिग्नल'

जयपुर।

एसएमएस अस्पताल में बनने वाले आईपीडी टावर की ऊंचाई को लेकर चल रहा असमंजस दूर हो गया है। एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया की अपीलीय समिति ने 130 मीटर ऊंचाई तक निर्माण की मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद टावर के निर्माण की बाधा दूर हो गई है। जेडीए ने 125 मीटर तक की ऊंचाई की मंजूरी के लिए आवेदन किया था।

पिछले दिनों एयरपोर्ट ऑथोरिटी के अधिकारियों ने मौका मुआयना किया था। जिसके बाद उन्होंने अपीलीय समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर यह मंजूरी दी गई है। आईपीडी टावर में G+23 मंजिला निर्माण के साथ ही दोमंजिला बेसमेंट बनाया जाएगा। इसकी छत पर हैलिकॉप्टर उतारने के लिए हैलीपेड भी बनोगा। आपको बता दें कि प्रदेश की सबसे ऊंची इस इमारत की ऊंचाई 115.5 मीटर प्रस्तावित है। एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने 51.48 मीटर तक स्वीकृति दे रखी थी। इस वजह से मामला अपीलीय समिति में गया था।