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फिर कैसे भी और कभी नहीं मरेगा कॉकरोच

एक नए शोध के मुताबिक कॉकरोच में हो रही नई प्रतिरोधक क्षमता विकसित, उसके बाद किसी भी पेस्टीसाइड या जहर से उसे मारना हो जाएगा असंभव

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SUPER cockroach

फिर कैसे भी और कभी नहीं मरेगा कॉकरोच

कॉकरोच एक ऐसा जीव है, जिससे ज्यादातर लोगों को डर लगता है। वे उससे बचना चाहते हैं। यह लाल रंग का कीड़ा उनकी घृणा का पात्र है तो महिलाओं को डराने वाला नंबर वन जीव भी, इसलिए इन्हें मारने के नित नए तरीके खोजे जाते हैं लेकिन अब जरा दिल थाम लें क्योंकि कॉकरोच अपनी सुरक्षा की दीवार को मजबूत करने जा रहे हैं और वे संभवत उन जहरों से भी नहीं मरेंगे, जो खास उनका ही नाश करने के लिए बनाए गए हैं।
एक नए शोध में पाया गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला जर्मन कॉकरोच विभिन्न कीटनाशकों के खिलाफ अपने अंदर क्रॉस रेसिस्टेंट की क्षमता विकसित कर रहे हैं। शोधकर्ताओं ने छह महीने के शोध के दौरान पाया कि वे अलग-अलग कीटनाशकों से इस जीव को मारने में विफल रहे, बल्कि एक पीढ़ी के भीतर तो उनकी प्रतिरोधक क्षमता छह गुना बढ़ गई थी। पद्र्यू यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर माइकल स्कार्फ के मुताबिक, हमने उनकी प्रतिरोधक क्षमता इतने अधिक बढऩे के बारे में कभी नहीं सोचा था। कॉकरोच में कीटनाशकों की खूब सारी श्रेणियों से प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो रही है, जल्द ही केवल रसायनों से इन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा। जरनल साइंटिफिक रिपोट्र्स में प्रकाशित यह शोध कॉकरोच की प्रजाति ब्लाटेला जर्मनिका एल पर फोकस करके किया गया है, यह प्रजाति पूरी दुनिया में पाई जाती है। शोधकर्ताओं की टीम में अलग-अलग श्रेणियों के अलग-अलग कीटनाशकों को टेस्ट किया और कुछ का मिश्रण भी काम में लिया। अमरीका के इंडिया और इलिनोस प्रांत में छह महीनों में ईमारतों में रहने वाले कॉकरोचों पर यह शोध किया गया। शोधकर्ताओं ने कई बार कीटनाशकों को मिलाया भी, ताकि वे यह सुनिश्चित कर सकें कि इससे कॉकरोच का सफाया हो जाएगा लेकिन इनमें से एक मिश्रण के प्रति भी प्रतिरोधक क्षमता कॉकरोच ने विकसित कर ली थी। स्कार्फ का कहना है कि शोध के दौरान उन्होंने किसी तरह से कॉकरोच की संख्या को रोके रखा लेकिन वे इनमें कमी नहीं कर पाए। सबसे खास बात यह रही कि प्रयोग में बचे कॉकरोच ने और अधिक प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों को जन्म दिया। शोधकर्ताओं को इस बात को लेकर भी हैरानी है कि उन्हें इस बात का अंदाजा ही नहीं था कि यह सब इतनी जल्दी होगा। मादा कॉकरोच अपने तीन महीने के जनन चक्र में 50 अंडे देती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अब कीटनाशकों के नए-नए मिश्रण को उन्हें खोजना होगा, लेकिन अब कॉकरोच मारना लोगों को महंगा जरूर पडऩे वाला है।


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