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VIDEO: फिल्म पद्मावत को हरी झंडी: सोशल मीडिया में फिर ट्रॉल हुआ विवाद, जानें कटारिया से लेकर करणी सेना तक की प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट फैसला: किसी राज्य में बैन नहीं होगी पद्मावत, राजस्थान सहित चारों भाजपा सरकार को झटका  

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जयपुर।

फिल्म पदमावत रिलीज मामले में राजस्थान सहित चार राज्यों की सरकार को आज सुप्रीम कोर्ट ने करारा झटका दिया। इन चारों राज्यों की सरकारों ने अधिसूचना जारी कर अपने-अपने राज्यों में 'पदमावत' को बैन किया था। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत पर चार राज्यों में बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बहस हुई। वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने निर्माताओं की ओर से पक्ष रखा। साल्वे ने कहा, सेंसर बोर्ड की ओर से पूरे देश में फि़ल्म के प्रदर्शन के लिए सर्टिफिकेट मिला है। साल्वे ने चार राज्यों के प्रतिबंध को असंवैधानिक करार दिया। सोमवार को याचिका पर फिर सुनवाई होगी।

इस बीच गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया और राजपूत करणी सेना की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं। गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि अभी हमें मीडिया के माध्यम से ये खबर मिली है, पहले फैसले को देखेंगे, फिर इसमें विधिक राय ली जायेगी। सरकार हमेशा से ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए आई है।


ये कहा करणी सेना ने
शीर्ष अदालत के अंतरिम आदेश को श्री राजपूत करणी सेना ने सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ में चुनौती देने का मन बनाया है। करणी सेना अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने एक वीडियो सन्देश जारी करते हुए कहा है कि आदेश को डबल बेंच में चुनौती दी जायेगी। इस मामले पर राष्ट्रपति तक से मिलकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई जायेगी। फिल्म रिलीज़ राजपूत समाज की आन-बान-शान के साथ ही भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है, इसे किसी भी कीमत पर रिलीज़ नहीं होने दिया जाएगा।

गोगामेड़ी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ये भी कहा कि चार सीनियर जजों ने भी कुछ दिनों पहले अदालत के काम काज को लेकर सवाल उठाये थे। अब फिल्म निर्देशक की ओर से याचिका दायर करने के अगले ही दिन आदेश दे दिया जाता है जबकि कई मामलों पर छह-छह महीने लग जाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बनाने का मतलब ही क्या है सुप्रीम कोर्ट ही चला लेगी राज्यों को। 24 जनवरी को चित्तोड़ में हज़ारों महिलाएं जोहर करेंगी। इस फिल्म पर रोक लगाने के लिए प्रधानमंत्री से भी मिला जाएगा।

वहीं शीर्ष अदालत के इस ताज़ा आदेश आने के बाद फिल्म पद्मावत का मामला एक बार फिर सोशल मीडिया में ट्रॉल होने लगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आईं कुछ प्रतिक्रियाएं:-


फिल्म पर बैन हटाने को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं, फिल्म से जुडी पूरी टीम को बधाई। - मधुर भंडारकर , निर्देशक


सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद कि उसने सभी राज्यों को कानून व्यवस्था बनाये रखने के आदेश दिए हैं बजाये फिल्म को बैन करने के। - शशि थुरूर, कांग्रेस नेता


ये अंतिम चेतावनी है उसको इस बार खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा, महारानी पद्मावती हमारी आन-बान और शान का प्रतीक है। जहां फिल्म पद्मावत चलेगी वो सिनेमा घर जलेगा। - प्रदर्शनकारी


ये दी थी निर्माता पक्ष ने दलील
वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने 'राज्यों का पाबंदी लगाना सिनेमैटोग्राफी एक्ट के तहत संघीय ढांचे को तबाह करना है। राज्यों को इस तरह का कोई हक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि लॉ एंड आर्डर की आड़ में राजनीतिक नफ़ा नुकसान का खेल हो रहा है। वायकॉम 18 ने याचिका दायर कर चार राज्यों के बैन का विरोध किया था। उम्मीद है कि प्रतिबंध लगाने वाले चार राज्य सोमवार को अपना पक्ष रखें।

देश के चार राज्यों ने बैन की है फिल्म
मंगलवार को हरियाणा सरकार ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का फैसला लिया था। रणवीर, दीपिका, शाहिद कपूर स्टारर ये फिल्म राजपूत समुदाय के विरोध के बाद से ही विवादों में रही। हरियाणा से पहले राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश की सरकारों ने भी फिल्म के प्रदर्शन पर बैन लगा दिया था।

ये है विवाद
रानी पद्मिनी के विवादित चित्रांकन का आरोप है। करणी सेना का कहना है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मिनी के बीच ड्रीम सीक्वेंस है। वहीं घूमर गाने पर भी रजवाड़ों ने विरोध जताया गया है हालांकि निर्माताओं ने तमाम बिंदुओं पर सफाई दी। सेंसर ने भी इसे लेकर पांच अहम बदलाव सुझाए थे जिसे निर्माताओं ने पूरा कर दिया है।

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