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शिक्षक भर्ती परीक्षा : फर्जी डिग्री बनाने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

Teacher Recruitment Exam : करणी विहार थाना पुलिस (Karni Vihar Police Station) ने फर्जी डिग्री (Fake Degree) बनाने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालय की मोहरें, सील, स्टाम्प, माइग्रेशन डिग्री, कम्प्यूटर उपकरण सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

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Fake Degree Case

Fake Degree Case

Teacher Recruitment Exam : करणी विहार थाना पुलिस (Karni Vihar Police Station) ने फर्जी डिग्री (Fake Degree) बनाने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालय की मोहरें, सील, स्टाम्प, माइग्रेशन डिग्री, कम्प्यूटर उपकरण सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त पश्चिम वंदिता राणा ने बताया कि जालौर निवासी भूपेन्द्र सारण , गांधी पथ निवासी अजय भारद्वाज, राजगढ़ मध्य प्रदेश निवासी कैलाश सिसोदिया, ज्योति नगर निवासी अशोक विजय और नागौर निवासी प्रमोद सिंह को गिरफ्तार किया है। उन्होनें बताया कि उदयपुर में शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस ने भूपेन्द्र सारण को गिरफ्तार किया था।

फर्जी डिग्री मामले (Fake Degree case) में अनुसंधान के लिए भूपेन्द्र को करणी विहार पुलिस ने 22 मार्च को प्रोडक्शन वारंट पर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से गिरफ्तार कर लाई थी। पुलिस को भूपेन्द्र ने बताया कि उसने अशोक विजय से फर्जी डिग्रियां बनवाई थी। इस पर पुलिस ने अशोक और कैलाश सिसोदिया को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पेपर लीक मामले के खुलासे के बाद उन्होंने ज्योति नगर से ऑफिस सांगानेर शिफ्ट कर लिया। इस पर पुलिस ने आरोपियों के सांगानेर िस्थत कार्यालय से 50 के करीब यूनिवर्सिटी के फर्जी दस्तावेज, पेज शीट रिम, इंक आदि बरामद कर अशोक और कैलाश की शह पर अजय भारद्वाज व प्रमोद सिंह को पकड़ा। सहायक पुलिस आयुक्त आलोक सैनी ने बताया कि आरोपी अशोक पिछले 20 साल से छात्रों को विभिन्न विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने का काम कर रहा था। अधिकतर विश्वविद्यालय अपनी डिग्री बिना शैक्षणिक कार्य के ही छात्रों को दे रही थी। ऐसे में आरोपी इसी बात का फायदा उठा खुद ही फर्जी डिग्रियां बनाने लगा। थानाधिकारी लिखमाराम ने बताया कि आरोपियों के कम्प्यूटर में 25 से ज्यादा अलग-अलग तरह के सॉफ्टवेयर मिले है। जिनके जरिए वे फर्जी मार्कशीट तैयार करते थे। आरोपियों के पास मोहर बनाने की मशीन भी मिली है।

भूपेन्द्र के घर पर मिली थी फर्जी डिग्री
पुलिस (Jaipur Police) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में भूपेन्द्र सारण के घर पर सर्च अभियान चलाया था। जहां पुलिस को अलग-अलग राज्यों की यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां मिली थी। मामले में पुलिस ने भूपेन्द्र की पत्नी एलची सारण, भाई गोपाल की पत्नी इंदुबाला, परिचित मोटाराम, दिनेश कुमार खींचड़ व रमेश को गिरफ्तार किया था।

इन यूनिवर्सिटी की मिली डिग्री

ओपीजेएस यूनिवर्सिटी, चूरू

जे एस यूनिवर्सिटी, शिकोहाबाद

महात्मा गांधी एलम यूनिवर्सिटी सिक्किम

फर्जी डिग्री मामले (Fake Degree case) में अनुसंधान के लिए भूपेन्द्र को करणी विहार पुलिस ने 22 मार्च को प्रोडक्शन वारंट पर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से गिरफ्तार कर लाई थी। पुलिस को भूपेन्द्र ने बताया कि उसने अशोक विजय से फर्जी डिग्रियां बनवाई थी। इस पर पुलिस ने अशोक और कैलाश सिसोदिया को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पेपर लीक मामले के खुलासे के बाद उन्होंने ज्योति नगर से ऑफिस सांगानेर शिफ्ट कर लिया।

इस पर पुलिस ने आरोपियों के सांगानेर िस्थत कार्यालय से 50 के करीब यूनिवर्सिटी के फर्जी दस्तावेज, पेज शीट रिम, इंक आदि बरामद कर अशोक और कैलाश की शह पर अजय भारद्वाज व प्रमोद सिंह को पकड़ा। सहायक पुलिस आयुक्त आलोक सैनी ने बताया कि आरोपी अशोक पिछले 20 साल से छात्रों को विभिन्न विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने का काम कर रहा था।

पुलिस (Jaipur Police) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में भूपेन्द्र सारण के घर पर सर्च अभियान चलाया था। जहां पुलिस को अलग-अलग राज्यों की यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां मिली थी। मामले में पुलिस ने भूपेन्द्र की पत्नी एलची सारण, भाई गोपाल की पत्नी इंदुबाला, परिचित मोटाराम, दिनेश कुमार खींचड़ व रमेश को गिरफ्तार किया था।