
शिक्षा विभाग अलर्ट मोड में
ड्रॉप आउट बच्चों पर करेंगे फोकस
जयपुर. जैसे-जैसे स्कूलों में नए सत्र खुलने का समय आ रहा है, वैसे-वैसे शिक्षा विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। शिक्षा अधिकारियों ने एक बार फिर कमर कसी है कि इस बार एक भी बच्चा स्कूलों में प्रवेश से वंचित नहीं रहे। वहीं ड्रॉप आउट बच्चों पर भी फोकस किया जाए। वे दुबारा स्कूलों में प्रवेश करें।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने शिक्षा अधिकारियों से स्पष्ट किया कि वे समन्वय कर ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को पुन: शिक्षा से जोडऩे में पूरा प्रयास करें। प्रवेशोत्सव में कोई भी बालक विद्यालय में नामांकन से वंचित नहीं रहे।
समीक्षा बैठक में इन बिन्दुओं पर भी हुआ फोकस
1-कम परीक्षा परिणाम वाले जिलों को अध्ययन में विशेष सुधार की जरुरत।
2-स्कूलों में स्थित पुस्तकालयों को विद्यार्थी समुचित उपयोग करें, इसका ध्यान रखें।
3-निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार समय पर पाठ्यक्रम पूरा किया जाए।
4-स्मार्ट क्लास का अधिकतम उपयोग करने पर फोकस हो।
5-छात्रवृति एवं नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का समय पर वितरण हो। इसमें अनावश्यक देरी नहीं हो।
6-साइकिल वितरण में देरी नहीं हो, इसे सत्र शुरू होने से पहले ही वितरित किया जाए।
स्वास्थ्य संबंधी होगा सर्वे
माध्यमिक शिक्षा के निदेशक आशीष मोदी ने निर्देश दिए हैं कि आगामी समय में विद्यार्थियों का 52 बिन्दुओं पर आधारित स्वास्थ्य संबंधी सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों में न्यूट्रिशन गार्डन तैयार करने एवं फलदार वृक्ष लगाने, श्री कृष्ण भोग योजना के अन्तर्गत सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने, अतिथि माता अवधारणा के अन्तर्गत महिला अभिभावकों को मुख्य अतिथि बनाकर भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।----------------------
Published on:
16 Jun 2024 09:54 am

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