
जयपुर . पेड़-पौधे हमें प्राणवायु देते हैं, लेकिन शायद यह बात जिम्मेदारों की समझ से बाहर है। दरअसल मालवीय नगर सर्वानंद मार्ग के पास स्थित डी-ब्लॉक कॉलोनी में विकसित पार्क पूरी तरह से उजडऩे की तैयारी मेंं है। यहां पर पौधों को पानी देने के लिए मोटर का रिचार्ज ठेकेदार की ओर से नहीं किया जा रहा इस वजह से पौधे गर्मी के मौसम में सूखते हुए दिख रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेक्टर के बड़े पार्कों में डी-ब्लॉक का यह पार्क अपनी अलग पहचान रखता है इसके बावजूद ऐसी हालत नहीं होनी चाहिए। गौर करने वाली बात यह है कि न तो नगर निगम और न ही विकास समिति पार्क की इस हालत का जिम्मेदार खुद को मान रहे हैं। सब एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं या फिर पार्क की की दुर्दशा से अनभिज्ञ है। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है हर तरफ जगह-जगह राख के ढेर से बड़ा पार्क अटा पड़ा है ।
बिजली नहीं तो पेड़ों को पानी नहीं
पार्क में कॉलोनी के लोग घूमने आते हैं। पार्क के पेड़-पौधे और घास सूख चुकी हैं, क्योंकि पिछले एक महीने से इनमें पानी नहीं दिया जा रहा। इसकी वजह पार्क में बिजली कनेक्शन को रीचार्ज नहीं करना बताया जा रहा है। कॉलोनी की विकास समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण पारीक ने बताया कि उन्होंने सम्बंधित पार्क ठेकेदार को इसकी सूचना दे दी है, लेकिन ठेकेदार की ओर से यही आश्वासन दिया जा रहा है कि रिचार्ज करवा दिया है। फिर भी पार्क में बिजली नहीं आई है। इसका खामियाजा पेड़ पौधों को भुगतना पड़ रहा है।
वॉक-वे पर टाइल्स नहीं टूटे झूले
बड़ा पार्क में चारों तरफ वॉक-वे तो बनाया गया है, लेकिन जिम्मेदार शायद इस पर टाइल्स लगाना भूल गए। लोग जब इस पर घूमते हंै तो धूल उड़ती है जिससे इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले तो लगे हैं लेकिन ज्यादातर झूले टूट चुके हैं।
ठेकेदार कहता है रिचार्ज करवा दिया
डी-ब्लॉक विकास समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण पारीक ठेकेदार को बिजली के लिए कई बार फोन कर दिया गया है ठेकेदार कहता है कि रिचार्ज करवा दिया गया है पर कनेक्शन अब तक चालू नहीं हुआ है ।
वार्ड- ५२ की पार्षद शालिनी चावला ने कहा की हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। एक बार शिकायत आती है फिर दोबारा कोई नहीं आता। हमें लगता है कि समस्या का समाधान हो गया, इसलिए हम भी दोबारा नहीं पूछते।
वॉक-वे पर टाइल्स नहीं, टूटे झूले
बड़ा पार्क में चारों तरफ वॉक-वे तो बनाया गया है, लेकिन टाइल्स ही नहीं है। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले तो लगे हैं लेकिन ज्यादातर झूले टूट चुके हैं।
समय पर नहीं होती सफाई
पेड़ों से टूट कर गिरे पत्तों को सफाई वाले वही जला देते हैं, जिससे पार्क में हर तरफ राख के ढेर नजर आते हैं। पार्क की सफाई के लिए चार कर्मचारी अनुबंधित किए गए हैं, लेकिन हमेशा दो ही पार्क की देखरेख कर रहे हैं। वह भी समय पर पार्क की सफाई नहीं करते। पार्क के एक हिस्से में मंदिर भी है जिससे निकलने वाला कचरा पार्क के एक कोने में फेंक दिया जाता है। बारिश के दिनों में इस कचरे से बदबू आने लगती है, जिससे यहां वॉक पर आने वाले लोगों को असुविधा होती है ।
Published on:
11 Apr 2018 01:47 pm
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