Rajasthan election 2023 पहले टिकट वितरण की परीक्षा.. फिर बागियों को मनाने की परीक्षा और इसके बाद जनता की अदालत में जीतने की परीक्षा.. और अगर जीत गए तो फिर जिताऊ को टिकाऊ बनाए रखने की परीक्षा.. राजस्थान विधानसभा चुनाव में मतदान के दिन यानी 25 नवंबर तक भाजपा और कांग्रेस को ऐसी ही कई परीक्षाओं से गुजरना पड़ेगा। टिकट वितरण की परीक्षा में कई सीटों पर पेपर खराब हुआ या यों कहे कि नेतृत्व की सप्लीमेंट्री आई तो बागी मैदान में डट गए.. अब दोनों ही दलों को इन्हें मनाने की परीक्षा से गुजरना होगा और अब इस परीक्षा की तैयारी के लिए चंद घंटे ही बाकी है.. 9 नवंबर तक बागी मान गए तो राहत.. नहीं तो बागी हुए अपने ही आफत की वजह बन जाएंगे। हालांकि भाजपा और कांग्रेस के रणनीतिकार बागियों को मनाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहे हैं.. लेकिन ताजा स्थिति में अभी तक सफलता मिलती नजर नहीं आ रही। लिहाजा, जीत के समीकरण बिगड़ता देख पार्टी नेतृत्व चिंता में है कि आखिर बागियों को मनाने की इस परीक्षा में कैसे पास हुआ जाए।