श्याम नगर थाना पुलिस की गिरफ्त में चल रहे दंपती से पूछताछ में सामने आया कि गांजा छात्र से लेकर मजदूरों तक सप्लाई किया जाता था। गांजा मुहाना में रोशन नामक व्यक्ति से खरीदा जाता था। पुलिस इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस को दंपती ने बताया कि यह काम बहुत पहले से कर रहे है। वह गांजा तीस हजार रुपए खरीद कर लाते थे और पचास हजार रुपए में पुडियां बनाकर बेचा जाता था। यह पुडिया 200 से 300 रुपए के हिसाब से बेची जाती थी। गौरतलब है कि श्याम नगर पुलिस ने गांजा सप्लाई करने वाले आरोपी गंगा विहार कॉलोनी सुशीलपुरा द्रव्यती नदी के पास निवासी मोहम्मद अली और रेशमा बानो को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से 1 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया था।
पहले भी पकड़े जा चुके है आरोपी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दपंती गांजा बेचने का काम कई महीनों से कर रहे है और इस मामले में वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुके है। पूछताछ में दंपती ने बताया कि वह इकट्ठा गांजा लाने के बाद उन्हें पुडि़यां में बांधकर बेचा करते थे। इसमें सबसे ज्यादा फायदा होता है। दरअसल एक छोटी सी पुडियां ही 200 से लेकर 400 तक में मिलती है। गांजा पीने वालों में स्टूडेन्ट, मजदूर सहित हर तबके के लोग होते है। कई लोग तो परमानेंट कस्टमर है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रोशन नामक व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटा रही है।