
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जयपुर. आश्विन कृष्ण त्रयोदशी शुक्रवार को दिन और रात की अवधि बराबर होगी। इसके बाद दिन छोटे और रात की अवधि धीरे-धीरे लंबी होना शुरू हो जाएगी। ज्योतिषविदों के मुताबिक सूर्य उत्तरी से दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रवेश करेगा। दक्षिणी गोलार्द्ध व शायन तुला राशि में प्रवेश का पहला दिन होने के कारण दिन -रात बराबर यानी 12-12 घंटे के होंगे। शुक्रवार को सूर्योदय सुबह 6:19 बजे और सूर्यास्त 6:19 बजे होगा।
ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि हमारी पृथ्वी साढ़े तेईस अंश झुकी हुई स्थिति में सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है। इससे कर्क रेखा, भूमध्य रेखा व मकर रेखा के बीच सूर्य की गति दृष्टिगोचर होती है। इसी स्थिति में 21 मार्च व 23 सितंबर को सूर्य भूमध्य रेखा पर लंबवत रहता है। पृथ्वी अपने उत्तरायण पक्ष को 187 दिन में पूरा करती है।
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ऐसे समझें अंतर:
ज्योर्तिविद पं.घनश्याम लाल स्वर्णकार, पं.घनश्याम शर्मा के मुताबिक गुरुवार तक नाड़ी वलय यंत्र के उत्तरी गोलार्द्ध भाग पर धूप थी। यह 22 मार्च से 22 सितंबर तक रहती है। 23 सितंबर को उत्तरी और दक्षिणी गोलभाग पर धूप नहीं होगी, जबकि 24 सितंबर से अगले छह माह यानी 20 मार्च तक नाड़ी वलय यंत्र के दक्षिणी गोलार्द्ध पर धूप रहेगी। जंतर-मंतर, बिडला तारामंडल समेत अन्य जगहों से इस खगोलीय घटना को शंकु यंत्र तथा नाड़ी वलय यंत्र से देखा जा सकता है।
हल्की सर्दी का होगा एहसास...
ज्योतिषविद आचार्य जैनेंद्र कटारा ने बताया कि सूर्य के दक्षिण गोलार्द्ध की ओर जाने से उत्तरी गोलार्द्ध में सूर्य की किरणों की तीव्रता कम होगी। इससे हल्की सर्दी का एहसास होगा। नवग्रहों में प्रमुख ग्रह सूर्य विषुवत रेखा पर लंबवत रहता है। इसे शरद संपात भी कहा जाता है। दिन की अवधि 22 दिसंबर को सबसे कम और रात की सबसे ज्यादा होगी।
Published on:
23 Sept 2022 10:26 am

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