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Aaj Ka Rashifal 3 October : जानिए आज क्या कहता है आपका भाग्य बता रहे हैं तीन ज्योतिषाचार्य

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर  

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जयपुर

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Shipra Gupta

Oct 02, 2023

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज

अंकगणित के अनुसार आज का मूलांक 3 और भाग्यांक 2 है। आज के दिन में धन की व्यवस्था बैंकिंग सेवा के सही प्रबंधन के साथ अपने आप को एडजस्ट करते हुए उससे जुड़े लाभों का अपने व्यापार के लिए सही इस्तेमाल करते हुए कार्य करने का दिन है। आज का दिन इसलिए भी विशेष सिद्ध होगा कि आपके पास जो भी धन है उसे धन का जब आप उपयोग करेंगे तो उसके बदले आपको बाजार में अधिक मूल्य प्राप्त हो या नहीं आपकी कल्पना या जो आपने सोच रखा आपके पास उपलब्ध धन में जो मात्र आपको मिल सकती है, उससे अधिक प्राप्त करने में सक्षम हो। आज का दिन भावनाओं को संभल करके चलने का दिन है। इमोशनल होकर कुछ ऐसे वादे करने से बचें। जिन्हें बाद में आपको पूरा करना आर्थिक तौर पर संभव मुश्किल हो। आज का दिन उन सभी लोगों के लिए भी थोड़ा तनाव भरा हो सकता है, जो किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या दबाव के अंदर अभी रह रहे हो। पारिवारिक तौर पर अपने तनाव को एक दूसरे के साथ साझा करने से स्थितियां सामान्य की ओर बढ़ सकती हैं। आज का दिन सामान्य तैयार थोड़ा तनाव भरा रहने की संभावना है।


टैरो कार्ड के अनुसार आज का कार्ड 'द टेंपरेंस' के साथ 'फोर ऑफ कप्स' है। टैरो कार्ड के अनुसार आज का दिन आपसी संतुलन बनाने के साथ थोड़ी समस्याओं और अपने आप को ठीक से व्यक्त करने के अलावा दूसरों की बात को सही मायने में समझने के लिए पर्याप्त धैर्य और शांत मन की आवश्यकता रहेगी। आज का दिन विशेष रूप से स्वास्थ्य को लेकर संभाल कर चलने का रहेगा। खान-पान और दिनचर्या में बदलाव करने से बचें।


वैदिक ज्योतिष (सनसाइन — मूनसाइन)

सनसाइन के अनुसार आज का दिन उन लोगों के लिए विशेष तौर पर सफल रहने की संभावना है। जिन योजनाओं में आर्थिक पक्ष पहले ही पूरे कर लिए गए हैं। आज दिन सफल हो सकता है जो अपने उच्च अधिकारियों के साथ अच्छा संबंध में स्थापित करने में सफल रहे हैं। आज इस बात की संभावना रहेगी कि आपकी आलोचना आपके पीछे से की जा रही हो उन सब परिस्थितियों को ठीक करने के लिए एक बार आपको मौन रहकर या पीछे हटकर संघर्ष करना होगा। कार्यस्थल पर आज प्रतिस्पर्धा या ईर्ष्या का वातावरण हो सकता है। बहस करने से बचें।

मूनसाइन के अनुसार आज का दिन भावनात्मक तौर पर असंतोष भर रह सकता है। साथी के साथ वार्तालाप में कुछ ऐसे मुद्दे उभर के आ सकते हैं, जो पहले से अनसुलझे हुए हो। ऐसी स्थिति में वार्तालाप को आगामी दिनों के लिए टालना बेहतर रहेगा। आज वे सभी लोग जो भावनात्मक तौर पर अच्छा संबंध होल्ड कर रहे हैं।

कैसा रहेगा साप्ताहिक व्यापार राशिफल

व्यापार राशिफल के अनुसार आने वाला सप्ताह बहुत महत्वपूर्ण है। वे सभी लोग जिनके पास धन की अच्छी सुविधाएं हैं। वह अच्छा धन लाभ कमाने की स्थिति में होंगे। इसके साथ में व्यापार के लिए वे सभी चीज जो स्टॉक के रूप में खरीदी जाएंगी उनके बारे में बहुत महत्वपूर्ण निर्णय करके ही लेना ठीक रहेगा। सप्ताह के मध्य भाग में हो सकता है कि व्यापार के लिए कुछ और धन उधार लेना पड़े। सप्ताह का अंत पुराने स्टॉक को निकालना और नए स्टॉक के सही प्रबंधन से जुड़ा हुआ रहने की संभावना रहेगी।

आपका सवाल


प्रश्न: गंगाजल पवित्र क्यों होता है? — मोहन आचार्य

उत्तर: गंगाजल को सनातन संस्कृति में बहुत ऊंचा स्थान प्राप्त है। हर आध्यात्मिक कार्य में गंगाजल की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहती है। ऐसा माना जाता है की स्वर्ग से गंगा का अवतरण सीधे भगवान शिव की जटाओं के माध्यम से पृथ्वी पर हुआ था। अगर वैज्ञानिक रूप से देखें तो गंगा में हिमालय से प्रवाहित होने के कारण अनेकों प्रकार के जड़ी बूटियां और खनिज मिल जाते हैं, जिससे गंगा का जल बहुत उच्च स्तर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ बहुत लंबे समय तक खराब ना होने के गुण को लिए हुए होता है।

ज्यो पंचंदन श्यामनारायण व्यास पंचांगकर्ता

मेष:- कार्यक्षेत्र में भागदौड़ रहेगी। बिना सोचे समझे किये गए निवेश से धनहानि संभव है। परिजनों के साथ यात्रा हो सकती है। व्यय वृद्धि होगी। दूसरों से अपेक्षा न करें।


वृषभ:- कारोबार में नए अनुबंध आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगे। बकाया वसूली होगी। रुके कार्यों में गति आएगी। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। संतान की चिंता रहेगी।


मिथुन:- समय से पहले और भाग्य से ज्यादा किसे नहीं मिलता। अपने समय का इंतजार करें। सब्र का फल मीठा होता है। कार्यपद्धति में सुधार होगा। नई योजना लाभ देगी। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। अस्वस्थता रह सकती है। विवाद न करें।


कर्क:- आप की उन्नति में शत्रु कष्ट देंगे। तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। कार्यों में गति आएगी।आर्थिक लाभ होगा।


सिंह:- पिता के व्यवहार से दुखी व नाराज रहेंगे। तनाव तथा पीड़ा सम्भव है। चोट-चोरी आदि से हानि संभव है। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे।

कन्या:- यात्रा लाभकारी रहेगी। गृहस्‍थ सुख मिलेगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। चोरी आदि से हान‍ि संभव है, जोखिम न लें।


तुला:- निजी जीवन में भय, पीड़ा, चिंता तथा तनाव व्यथित करेंगे। कारोबारीयों को लाभ होगा। बेरोजगारी दूर हो सकती है। निवेश-नौकरी लाभ देंगे।


वृश्चिक:- बहनों से विवाद होगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। निवेश आदि लाभ देंगे।


धनु:- आप के क्रोधी व्यवहार से विवाद से कार्य बिगड़ सकते हैं। दु:खद समाचार मिल सकता है। जोखिम-जमानत के कार्य टालें। हानि होगी।


मकर:- कार्य की पूर्णता उत्साह व प्रसन्नता की वृद्धि करेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे।


कुम्भ:- संतान की तरफ से शुभ समाचार मिलेगा। कार्य सिद्धी से आत्मसम्मान बढ़ेगा। व्यवसायिक शत्रु परास्त होंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। जोखिम न लें।



मीन:- अपने अधिकारों का गलत प्रयोग न करें। संतान के परिणय सम्बन्ध के लिए की गई यात्रा सफल होगी। जीवनसाथी की चिंता रहेगी। रोजगार मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पं. घनश्यामलाल स्वर्णकार

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत: 1445
मु.मास: रवि-उल-अव्वल- 17
अयन: दक्षिणायण
ऋ तु: शरद्
मास: आश्विन
पक्ष: कृष्ण

श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज प्रात: 09-20 बजे से दोपहर बाद 01-44 बजे तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा अपराह्न 03-12 बजे से सायं 04-40 बजे तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11-52 बजे से दोपहर 12-39 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।


शुभ तिथि: पंचमी पूर्णा संज्ञक तिथि अंतरात्रि 05-33 बजे तक, तदन्तर षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि है। पंचमी तिथि में सभी स्थिर व चंचल कार्य, शुभ व मांगलिक कार्य करने योग्य हैं, पर पंचमी तिथि में कर्जा नहीं देना चाहिए। अभी श्राद्ध पक्ष में शुभकार्य वर्जित हैं।

नक्षत्र: कृतिका ‘‘मिश्र व अधोमुख’’ संज्ञक नक्षत्र सायं 06-04 बजे तक, तदन्तर रोहिणी ‘‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’’ संज्ञक नक्षत्र है। कृतिका नक्षत्र में सभा, साहस, अग्नि ग्रहण, शत्रुनाश व विवाद आदि और रोहिणी नक्षत्र में पौष्टिक, मांगलिक व अलंकारादिक कार्य करने योग्य हैं।


योग: वज्र नामक नैसर्गिक अशुभ योग प्रात: 08-17 बजे तक तदुपरान्त सिद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग हैं।

विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग सूर्योदय से सायं 06-04 बजे तक, तदन्तर कुमार योग नामक शुभ योग है।


करण : कौलव नामकरण सायं 05-52 बजे तक, तदन्तर तैतिल व गरादि करण क्रमश: हैं।

व्रतोत्सव: आज पंचमी व कृतिका का श्राद्ध है।

चंद्रमा: चंद्रमा वृष राशि में सम्पूर्ण दिवारात्रि है।

ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: मंगल तुला में सायं 05-58 बजे पर, गुरु वक्री भरणी के दूसरे चरण में रात्रि 12-41 बजे पर।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं हैं।

दिशाशूल: मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल (मध्यममान से): अपराह्न 3-00 बजे से सायं 4-30 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे: इनके नाम (इ, उ, ए, ओ, वा, वि) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि वृष है। वृष राशि के स्वामी शुक्र हैं। इनका जन्म स्वर्णपाद से है, जो शुभ नहीं माना गया है। सामान्य रूप से ये जातक कुछ कं जूस, कृतघ्न और विवादप्रिय और स्वेच्छाचारी होते हैं। इनका बाह्य व्यक्त्वि तो शानदार होता है, पर ये लोग कलाकारी से अपना काम चला लेते हैं। इनका भाग्योदय 29 वर्ष की आयु के बाद ही होता हुआ देखा गया है। वृष राशि वाले जातकों को शुभ विचारों का लाभ उठाना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है।