सावरदा/पत्रिका। करण-अर्जुन फिल्म में जुड़वा भाइयों की कहानी सबके जहन में है। करण को चोट लगती तो अर्जुन को अहसास होता था। लेकिन असल जिदंगी में भी सावरदा निवासी दो जुड़वा भाई सूरज और चांद की कहानी कुछ इसी तरह ही थी। दोनों एक साथ दुनिया में आए और 90 साल की उम्र में रविवार को सूरज की जिदंगी की सांझ ढली तो छोटा भाई चांद सदमा सह नहीं पाया और सोमवार सुबह सूरज उगने से पहले ही चांद ने दुनिया छोड़ दी। दोनों भाइयों की 12 घंटे के बीच हुई मौत चर्चा का विषय बनी हुई है।