जयपुर

वात्सल्य योजना: 23 जिलों में खाता ही नहीं खुला

प्रदेश में वंचित बच्चों की देखभाल के लिए शुरू की गई वात्सल्य योजना का तो 23 जिलों में तो खाता ही नहीं खुला है। प्रदेश में इस योजना का चंद जिलों में ही बेहतर शुरुआत हो सकी है। केवल दस जिलों में ही इस योजना में वंचितों को लाभ मिलना शुरू हो गया है।

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Nov 08, 2022
birth of daughters

प्रदेश में वंचित बच्चों की देखभाल के लिए शुरू की गई वात्सल्य योजना का तो 23 जिलों में तो खाता ही नहीं खुला है। प्रदेश में इस योजना का चंद जिलों में ही बेहतर शुरुआत हो सकी है। केवल दस जिलों में ही इस योजना में वंचितों को लाभ मिलना शुरू हो गया है।

बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015योजना के तहत् किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत् बच्चों को पारिवारिक वातावरण में पालन-पोषण एवं देखरेख हेतु इच्छुक भावी पोषक माता-पिता को चिन्हित करने के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं। कोई भी इच्छुक भावी पोषक माता-पिता द्वारा कार्यालय सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई को आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

कोई भी भारतीय नागरिक जो विगत 02 वर्ष से राजस्थान में निवासरत हो। कोई भी दम्पति के मध्य न्यूनतम 02 वर्ष का स्थाई वैवाहिक सम्बन्ध होना चाहिए। भावी पोषक माता-पिता आयकरदाता होने चाहिए।

एकल व्यक्ति (महिला या पुरुष) की स्थिति में न्यूनतम आयु 25 वर्ष तथा अधिकतम आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। भावी पोषक माता-पिता का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। एकल पुरुष किसी बालिका को पालन-पोषण देखरेख में लेने के पात्र नहीं होंगे।
2020 से चल रही है वात्सल्य योजनाप्रदेश में पारिवारिक देखभाल से वंचित बच्चों को वैकल्पिक परिवार आधारित देखरेख उपलब्ध कराने के लिये वर्ष 2020 से वात्सल्य योजना का संचालन किया जा रहा है।वात्सल्य योजनान्तर्गत पालन-पोषण के लिए प्रति बालक 2,000 रुपए प्रतिमाह का पोष्य भत्ता दिये जाने का प्रावधान है।
ये है वात्सल्य योजना

राजस्थान के देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को पारिवारिक वातावरण में पालन-पोषण एवं देखरेख सुनिश्चित करने हेतु राजस्थान सरकार द्वारा वात्सल्य योजना (पालन-पोषण देखरेख) का कियान्वयन किया जा रहा है। वात्सल्य योजना के तहत बाल देखरेख संस्थाओं में रह रहे बच्चों को वैकल्पिक परिवार आधारित देखरेख सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही। बच्चे का पालन पोषण एवं देखभाल करने वाले माता पिता को एक निश्चित अवधि के लिए प्रतिमाह 2 हजार रूपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

Published on:
08 Nov 2022 05:26 pm
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