राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से ग्राम विकास अधिकारी के 8396 पदों पर भर्ती के लिए सोमवार को पहले दिन दो चरणों में परीक्षा का आयोजन किया गया। प्रदेश में पहले चरण की परीक्षा में 3 लाख 74 हजार 983 परीक्षार्थी शामिल हुए, पहले चरण में परीक्षार्थियों की उपस्थिति 75.71 फीसदी रही
वीडीओ परीक्षा: पहले दिन दो चरणों की परीक्षा पूरी
परीक्षार्थी बोले, मॉडरेट आया पेपर
प्रदेश में 14 लाख 92 हजार परीक्षार्थी हैं परीक्षा के लिए पंजीकृत
प्रदेश में पहले चरण में 75.71 फीसदी परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा
पहले चरण की परीक्षा में शामिल हुए 3 लाख 74 हजार 983 परीक्षार्थी
प्रदेश में दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल हुए 3 लाख 75 हजार 460 परीक्षार्थी
दूसरे चरण की परीक्षा में 76.18 फीसदी परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा
चार चरणों में होनी है परीक्षा
3896 पदों के लिए हो रहा परीक्षा का आयोजन
जयपुर।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से ग्राम विकास अधिकारी के 8396 पदों पर भर्ती के लिए सोमवार को पहले दिन दो चरणों में परीक्षा का आयोजन किया गया। प्रदेश में पहले चरण की परीक्षा में 3 लाख 74 हजार 983 परीक्षार्थी शामिल हुए, पहले चरण में परीक्षार्थियों की उपस्थिति 75.71 फीसदी रही। वहीं दूसरे चरण की परीक्षा में 3 लाख 75 हजार 460 परीक्षार्थी शामिल हुए और इसमें 76.18 फीसदी परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा का आयोजन चार चरणों में होना है। शेष दो चरणों की परीक्षा मंगलवार को होगी। प्रदेश में कुल 14 लाख 92 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए हैं। चार चरणों में होने वाली इस परीक्षा का दूसरा चरण दोपहर ढाई बजे से साढ़े चार बजे तक हुआ। तीसरा और चौथा चरण मंगलवार 28 दिसंबर को होगा। पहली और दूसरी पारी पारी में राजधानी जयपुर के 228-228 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया।
निर्धारित समय से पहले पंहुचे परीक्षार्थी
राजधानी जयपुर में परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों ने निर्धारित समय से काफी पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पंहुचना शुरू कर दिया था। हालांकि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड से परीक्षार्थियों को हिदायत दी कि वह अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटा पहले पंहुचे लेकिन परीक्षार्थी इससे भी पहले परीक्षा केंद्रों तक पहुंच गए। कई परीक्षा केंद्रों पर तो दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी भी सुबह ही पहुंच गए। यह वह परीक्षार्थी थे जो दूसरे शहरों से यहां परीक्षा देने आए थे। सुबह 9 बजे के बाद उन्हें परीक्षा केद्रों पर प्रवेश दिया गया।