
शिव जौहरी ने बनाया 25 लाख का अनोखा निमंत्रण (फोटो- सोशल मीडिया)
Jaipur Unique Wedding: राजधानी जयपुर के शिव जौहरी ने अपनी बेटी की शादी को ऐसा रूप दिया, जो न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। आमतौर पर शादी का कार्ड कुछ पन्नों का होता है। लेकिन शिव जौहरी ने इसे भावनाओं, आस्था और कला का संगम बना दिया।
बता दें कि उन्होंने करीब एक साल की मेहनत और लगभग 25 लाख रुपए की लागत से तीन किलो शुद्ध चांदी से एक अनोखा विवाह निमंत्रण पत्र तैयार कराया, जिसे वे अपनी बेटी के लिए अनमोल तोहफा मानते हैं।
यह कार्ड कोई साधारण निमंत्रण नहीं, बल्कि एक भव्य बॉक्सनुमा कलाकृति है। करीब तीन इंच गहराई वाले इस चांदी के कार्ड में 65 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं उकेरी गई हैं। सबसे ऊपर भगवान गणेश विराजमान हैं। वहीं, दाईं ओर माता पार्वती और बाईं ओर भगवान शिव की आकृति दिखाई देती है।
नीचे माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का स्थान है। तिरुपति बालाजी के दो स्वरूप, उनके द्वारपाल, चंवर और दीप थाल लिए देवियां, शंख-नगाड़े बजाते देवता हर आकृति मानो बेटी के सुखी और मंगलमय भविष्य का आशीर्वाद दे रही हो।
कार्ड के केंद्र में वधु श्रुति जौहरी और वर हर्ष सोनी का नाम अंकित है। उनके चारों ओर हाथियों को पुष्प वर्षा करते दर्शाया गया है, जो समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। कार्ड की बाहरी परत पर अष्ट लक्ष्मी अपनी सेविकाओं के साथ विराजमान हैं, जबकि पीछे की ओर तिरुपति बालाजी के ऊपर सूर्यदेव की आभा उकेरी गई है। इस निमंत्रण पत्र के भीतर वर-वधू के माता-पिता और पूरे परिवार के नाम भी चांदी पर ही अंकित किए गए हैं।
इस शादी कार्ड की खासियत यहीं खत्म नहीं होती। इसमें भगवान कृष्ण की जन्म से लेकर बाल अवस्था तक की लीलाओं को भी दर्शाया गया है। दक्षिण भारतीय शैली में कृष्ण का एक मुख और पांच धड़ वाला स्वरूप, उनके चारों ओर आठ गायें और कार्ड के चारों तरफ भगवान विष्णु के दस अवतार उकेरे गए हैं।
आश्चर्य की बात यह है कि यह पूरा कार्ड 128 अलग-अलग चांदी के टुकड़ों से तैयार किया गया है और इसे जोड़ने में न तो किसी कील का इस्तेमाल हुआ है और न ही किसी पेच का।
शिव जौहरी बताते हैं, उन्होंने यह कार्ड खुद डिजाइन कराया और इसे तैयार होने में करीब एक साल का समय लगा। उनका कहना है कि वे बेटी की विदाई को सिर्फ एक रस्म नहीं बनाना चाहते थे। उनका सपना था कि बेटी की शादी में सिर्फ रिश्तेदार ही नहीं, बल्कि सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी शामिल हो।
इसी भावना के साथ उन्होंने यह अनोखा विवाह निमंत्रण तैयार कराया। शिव जौहरी का मानना है, यह कार्ड केवल एक शादी का निमंत्रण नहीं, बल्कि पिता-बेटी के रिश्ते, आस्था और संस्कारों का प्रतीक है।
Updated on:
20 Jan 2026 05:57 am
Published on:
20 Jan 2026 05:57 am
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