15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर में सब्जी ठेले वालों की भरमार, इतने तो सामान्य दिनों में भी नहीं आते

लॉक डाउन के बाद जयपुर शहर में अचानक सब्जी के ठेलों की संख्या में जबर्दस्त उछाल आया है। शहर की हर कॉलोनी खासकर चारदीवारी और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में फल और सब्जी के ठेले नजर आ रहे हैं। मगर इन ठेले वालों पर अब अंगुली उठने लगी है। जयपुर फल-सब्जी व्यापार महासंघ ने इन ठेले वालों को लेकर आपत्ति जताई है।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

Apr 06, 2020

जयपुर में सब्जी ठेले वालों की भरमार, इतने तो सामान्य दिनों में भी नहीं आते

जयपुर में सब्जी ठेले वालों की भरमार, इतने तो सामान्य दिनों में भी नहीं आते

जयपुर।

लॉक डाउन के बाद जयपुर शहर में अचानक सब्जी के ठेलों की संख्या में जबर्दस्त उछाल आया है। शहर की हर कॉलोनी खासकर चारदीवारी और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में फल और सब्जी के ठेले नजर आ रहे हैं। लॉक डाउन से इन ठेला व्यवसायियों को दूर रखा गया है, जिसकी वजह से सामान्य दिनों में अन्य काम करने वाले लोग भी सब्जी के ठेले चलाकर गुजर-बसर कर रहे हैं, मगर इन ठेले वालों पर अब अंगुली उठने लगी है। जयपुर फल-सब्जी व्यापार महासंघ ने इन ठेले वालों को लेकर आपत्ति जताई है।

जयपुर फल व सबजी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष राहुल तंवर ने आरोप लगाया कि अवैध रूप से जयपुर में फल-सब्जी के ठेले वाले व्यापार कर रहे हैं। यही नहीं मंडी से सस्ते दामों पर खरीद करके कॉलोनियों में यह लोग मुंह मांगे दाम पर व्यापार कर रहे हैं। तंवर ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से यह मांग की है कि इन सभी सबजी के ठेले वालों की पहचान के साथ इनकी स्वास्थ्य की जांच की जाए, उसके बाद ही इनहें सब्जी-फल बेचने की अनुमति दी जाए।

आपको बता दें कि लॉक डाउन के दौरान राशन की दुकानों के साथ-साथ मंडियों में व्यापार, फल-सब्जी के ठेले वालों को व्यापार की छूट दी गई है। इन ठेला चलाने वालों को अस्थाई लाइसेंस भी जारी किए जा रहे हैं। मगर सवाल यह है कि ठेले पर व्यापार करने वाला व्यवसायी स्वस्थ है या नहीं, इसकी जांच की कोई व्यवस्था नहीं है।