
महेन्द्रजीत सिंह मालवीया
जयपुर.
जलसंसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने संभागवार दो दिन तक सभी अधिशाषी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंताओं की बैठक ली। लेकिन ये जोनवार बैठकें इंजीनियरों के साथ मंत्री मालवीय के संवादों के चलते विवाद और चर्चा का विषय बन गईं। सोमवार को जेएलएन रोड स्थित सिंचाई भवन में कोटा, जोधपुर और जयपुर संभाग की समीक्षा बैठक रखी गई।सुबह कोटा संभाग के इंजीनियरों की बैठक शुरू हुई तो इंजीनियरों ने पूरे जोश के साथ संभाग में चल रहे प्रोजेक्ट की गतिविधियां बताना शुरू किया।
इसी दौरान मंत्री मालवीय ने कहा कि कोटा संभाग के इंजीनियरों के चेहरे चमक रहे हैं क्योंकि इनके पास बजट ज्यादा है। जबकि जैसलमेर वालों के तो चेहरे मुरझाए हुए हैं। ट्रांसफर करके इधर-उधर करना पडे़गा। मंत्री के इस बयान के बाद इंजीनियरों में खुसुर-फुसुर शुरू हो गई। मंत्री मालवीय ने कहा कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं पर इंजीनियर फोकस करें जिससे ये समय पर पूरी हो सकें।
क्लोजर में इंजीनियरों को बुलाने पर विवादमंत्री मालवीय की दो दिन की समीक्षा बैठक शनिवार को ही विवादों में आ गई क्योंकि इंदिरा गांधी नगर परियोजना का क्लोजर चल रहा है और क्लोजर से संबधित दस जिलों के इंजीनियरों को भी इस बैठक में बुला लिया गया। क्लोजर के कारण इन जिलों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।
जल संसाधन विभाग के इंजीनियर जलदाय विभाग के इंजीनियरों के साथ क्लोजर के दौरान पेयजल की व्यवस्था में जुटे हुए थे। मंत्री मालवीय अपने विवादित बयानों के कारण आए दिन विवादों में रहते हैं। उनकी विभाग के सचिव से भी पटरी नहीं बैठ रही है। ऐसे में जल संसाधन विभाग का कामकाज बेहद ही कछुआ चाल से चल रहा है।
Published on:
12 Apr 2022 09:07 am
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