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पेयजल में जनता की जरूरतों के अनुरूप होंगे काम

पेयजल (Water supply department) में अब लोगों की जरूरतों और प्राथमिकता के अनुसार ही पेयजल योजना (Drinking Water Scheme) बनाई जाएगी। इसके साथ पानी के 'वेस्टेज' को रोकने के लिए जनता का सहयोग लिया जाएगा। यह बात जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी (Water Resources Minister Dr. Mahesh Joshi) ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कही।

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पेयजल में जनता की जरूरतों के अनुरूप होंगे काम

पेयजल में जनता की जरूरतों के अनुरूप होंगे काम

पेयजल में जनता की जरूरतों के अनुरूप होंगे काम
- जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी ने संभाला कार्यभार
- मंत्री ने कहा, लोगों की जरूरतों और प्राथमिकता के अनुसार ही बनाई जाएगी पेयजल योजना

जयपुर। पेयजल (Water supply department) में अब लोगों की जरूरतों और प्राथमिकता के अनुसार ही पेयजल योजना (Drinking Water Scheme) बनाई जाएगी। इसके साथ पानी के 'वेस्टेज' को रोकने के लिए जनता का सहयोग लिया जाएगा। यह बात जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी (Water Resources Minister Dr. Mahesh Joshi) ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कही। उन्होंने कहा कि समय के साथ ही लोगों की प्राथमिकताएं भी बदली है, ऐसे में दैनिक जीवन में लोगों की जरूरतों के अनुरूप विभागीय परियोजनाओं और कार्यक्रमों को गति दी जाएगी।
जलदाय व भूजल मंत्री डॉ. महेश जोशी ने बुधवार को सचिवालय में कार्यभार ग्रहण करने के बाद जनता से अपील की कि पानी अनमोल है, जनता इसका मोल समझ कर इसके अधिकतम सदुपयोग को अपनी आदत बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनता को निर्बाध, नियमित और पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति पर विभाग का पूरा फोकस रहेगा। साथ ही पानी के 'वेस्टेज' को रोकने के लिए आमजन के सहयोग से हर स्तर पर सजगता के साथ प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जेजेएम सहित सभी परियोजनाओं के कार्यों को इस सोच के साथ गति दी जाएगी कि इन पर जो पैसा खर्च हो रहा है, उसका पूरा फायदा आमजन को मिले।
मंत्री जोशी ने कहा कि कई स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज के कारण जितना पानी उपयोग में आता है, उससे कहीं अधिक 'वेस्टेज' में चला जाता है। इसके लिए जयपुर शहर सहित प्रदेश में जहां भी पेयजल आपूर्ति की पाईपलाइनें पुरानी हो गई है, उनको बदलकर पेयजल के अपव्यय को रोकने के लिए कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा।