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मुख्यमंत्री का बयान जिसने मचाई कांग्रेस में हलचल, वीडियो में देखें गहलोत ने नाम लिए बिना किस पर साधा निशाना

किसी के पार्टी छोड़कर जाने से फर्क नहीं पड़ता, अंदर रहकर बुराई करे तो ज्यादा नुकसान - गहलोत, कोई पार्टी छोड़कर जाए उसका भी स्वागत और आए उसका भी

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सुनील सिंह सिसोदिया / जयपुर। युवा नेताओं के कांग्रेस पार्टी छोड़कर जाने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोई छोड़कर जाए कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन पार्टी से जाने और आने वाले दोनों का स्वागत है। गहलोत बुधववार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर गणतंत्र दिवस के मौके पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास पर ध्वज फहराया और अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धाजंलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का 135 साल पुराना इतिहास है। पार्टी से पहले भी कई बड़-बड़े लोग गए और बाद में उन्हें वापस आना पड़ा। कांग्रेस देश में एक मात्र पार्टी है जो घर-घर के अंदर है। बाकी पार्टियां सत्ता में तो हैं, लेकिन भाजपा को ही नॉर्थ-ईस्ट में कोई पूछता नहीं है। यही स्थिति इनकी दक्षिण के राज्यों में है। राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं, जिन्हें जाना है वे जाएं। वैसे भी अगर कोई पार्टी के अंदर रहकर बुराई करे और उसके मन-मस्तिष्क में पार्टी की बात नहीं होगी तो वह ज्यादा नुकसान करेगा। इसलिए हम कह रहे हैं कि जाने वाले का भी स्वागत है और आने वाले का भी।

असहमति व्यक्त करने वाले को भेजा जा रहा जेल

मुख्यमंत्री ने भाजपा को लेकर कहा कि इनकी हरकतों से आज पूरा देश उद्वेलित है। केन्द्र और राज्यों की इनकी सरकारें फेल ही साबित हो रही हैं। जनता इनके कारनामों को समझ चुकी है। जो इनकों लेकर असहमति व्यक्त कर रहा है वो जेल जा रहा है। जबकि लोकतंत्र में असहमति और आलोचना करने वाले का भी स्वागत करना चाहिए।


चर्चाएं तो चलती रहती हैं

मुख्यमंत्री ने गुलामनबी को लेकर चर्चाओं के सवाल पर कहा कि चर्चाएं तो चलती रहेंगी। आप समझते हो कि इनकी क्या तो अप्रोच है, क्या इनकी सोच है। यह सभी के सामने आ रही है। देश में महंगाई और बेरोजगारी से हालात खराब हैं। नौजवान दुःखी है पर उनको लेकर कोई बात नहीं कर रहा। लोग समझ गए हैं कि जो वादे 2014 में किए थे उन पर कोई काम नहीं हो रहा है।

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