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क्यों टकरा जाती हैं कारें हाईवे पर चलते-चलते… यह है कारण

क्योंकि रिफ्लेक्टर खरीद तो लिए मगर बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी व टै्रक्टर-ट्रॉली के लगाए ही नहीं

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जयपुर. रात के समय बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी व टै्रक्टर-ट्रॉली से टकराने के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए करीब 2 साल पहले एक करोड़ के रिफ्लेक्टर व रेटरो टेप खरीदे गए लेकिन इनका वितरण अब तक जयपुर के आसपास के इलाकों में भी नहीं हो पाया है। बांसवाड़ा सहित कई अन्य जिलों में भी इनका वितरण नहीं होने से दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है।
रात के समय दौड़ते वाहन कई बार बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी, टै्रक्टर-ट्रॉली के पीछे से टकरा जाते हैं। ऐसे हादसे रोकने के लिए रेटरो रिफ्लेक्टिव टेप, सरकुलर रिफ्लेक्टिव व रेटरो टेप खरीदे गए थे। सड़क सुरक्षा गतिविधियों के तहत इनकी खरीद को पुलिस महानिदेशालय मान तो रहा है लेकिन इनके बंटने की सूचना अब तक नहीं आई है। ऐसे में पिछले महीने पुलिस मुख्यालय ने स्मरण पत्र भेजा है।
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इन्हें खबर ही नहीं
जयपुर और बांसवाड़ा ही नहीं बल्कि भरतपुर में भी रिफ्लेक्टर नहीं पहुंचे हैं। सवाईमाधोपुर जिले में रिफ्लेक्टर थानों में जमा हैं। परिवहन विभाग और पुलिस मुख्यालय के केन्द्रीय भंडार तक को इन रिफ्लेक्टरों के बंटने की खबर नहीं हैं।
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इनकी हुई खरीद
- 2000 बण्डल रेटरो रिफ्लेक्टिव टेप
- 4000 बण्डल सरकुलर रिफ्लेक्टिव
- 830 रेटरो टेप
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टेस्टिंग पर खर्च हुए 2.61 लाख रुपए
पुलिस महानिदेशक कार्यालय के अनुसार 2.61 लाख रुपए रिफ्लेक्टरों के परीक्षण पर खर्च किए गए लेकिन बंटे नहीं। ऐसे में हादसों का खतरा बरकरार है। जिला पुलिस अधीक्षकों ने रिफ्लेक्टर बंटने की सूचना अब तक पुलिस मुख्यालय को नहीं दी है।
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ये हुए हादसे
- बांसवाड़ा के भीलकुआं के पास एक ट्रैक्टर से वाहन टकराने के कारण हादसा हुआ
- जयपुर जिले के नरैना क्षेत्र में अंधेरे में सड़क पर खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से कार टकरा गई, इससे पिछली 7 अगस्त को 4 युवकों की मौत हो गई।
- जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र में 20 फरवरी 2018 को एनएच-8 पर भाबरू में अलसुबह ट्रक ने ऊंटगाड़ी को टक्कर मारी। हादसे में ऊंटगाड़ी सवार घायल हुआ था। यहां भी हादसे की वजह रिफ्लेक्टर नहीं लगा होना बताया गया।
- जयपुर में गोपालपुरा बाइपास, झोटवाड़ा रोड जैसे कई इलाकों में बिना रिफ्लेक्टर वाली ऊंटगाडिय़ां दुर्घटना को बुलावा देती दिखती हैं।