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प्रदेश में पडी बाबा रामदेव की 400 बीघा भूमि को लेकर सरकार क्यों है पसोपेश में

पतंजलि योगपीठ की भूमि में ऐसा कौनसा पेच फंस गया कि सरकार को करनी पड रही है इतनी मशक्कत।

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प्रदेश में पडी बाबा रामदेव की 400 बीघा भूमि को लेकर सरकार क्यों है पसोपेश में

जयपुर. बाबा रामदेव की पतंजलि योग पीठ को करौली में मिली मंदिर माफी की भूमि के भू रूपांतरण के मामले में सरकार पसोपेश में है। मामले में सोमवार को मंत्री से लेकर नौकरशाह तक मंथन में जुटे रहे। सचिवालय में लगातार तीन बैठकें हुई। पहले विधि विभाग के आला अफसर, फिर नगरीय विकास मंत्री और बाद में मुख्य सचिव ने भू रूपांतरण को लेकर चर्चा की। अफसरों ने स्पष्ट कर दिया कि मंदिर माफी की जमीन को किसी तरह से किराया, लीज या बेचान नहीं किया जा सकता। बताया जा रहा है कि बाद में मुख्यमंत्री स्तर पर इस मामले में निर्णय लेने पर सहमति बनी। दरअसल, करौली में गोविन्ददेवजी ट्रस्ट ने मंदिर माफी की करीब चार सौ बीघा भूमि पतंजलि योग पीठ को दी है। इसका भू रूपांतरण हो सकता है या नहीं, इसे लेकर अफसर पसोपेश में हैं।

इस तरह चला बैठकों का दौर

- पहले विधि विभाग के अधिकारियों ने बैठक ली। इसमें भू रूपांतरण हो सकता है या नहीं, इस पर मंथन किया गया। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए लेकिन हल नहीं निकला।
- फिर नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी व देवस्थान राज्य मंत्री राजकुमार रिणवा के साथ अफसर बैठे। इसमें लम्बी चर्चा हुई।
- नगरीय विकास विभाग के संयुक्त सचिव ने मामले से दूरी बनाए रखी। मामला स्वायत्त शासन विभाग के अधीन होना बताया गया।
- अंत में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता के साथ बैठक शुरू हुई। इसमें स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव नवीन महाजन व अन्य अफसरों ने लम्बी मंत्रणा की। इसमें भी नियम आड़े आ गए।

यूपी में भी अटका था मामला

बाबा रामदेव के पतंजलि ट्रस्ट से जुडी हुई जमीन के एक मामले में भी सरकार और ट्रस्ट के बीच कुछ समस्याएं आ चुकी हैं। हालांकि इस मामले में फिलहाल सरकार ने कहा है कि जो भी कमी थी उसे पूरा कर लिया गया है और अब जमीन आवंटन में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।

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