
महिलाएं आंखें देखकर किसी की सोच पढ़ने में पुरुषों से आगे
वॉशिंगटन. महिलाएं आंखों से किसी व्यक्ति की सोच पढ़ने के मामले में पुरुषों से आगे हैं। प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइसेंस (पीएनएएस) में प्रकाशित शोध में यह खुलासा हुआ है। कैंब्रिज विश्वविद्यालय के शोध में कहा गया कि दुनियाभर में महिलाएं आंखें पढ़कर विचारों या भावनाओं का आकलन करने में पुरुषों की तुलना में बेहतर हैं।
भारत समेत 57 देशों के 3,06,000 लोगों पर किए गए शोध में पाया गया कि ज्यादातर देशों में सभी आयु वर्ग की महिलाओं ने 'रीडिंग द माइंड इन द आइज टेस्ट' यानी 'आंख में मन को पढ़ने' के परीक्षण में पुरुषों के मुकाबले ज्यादा स्कोर किया। इस परीक्षण से किसी की संज्ञानात्मक सहानुभूति (दूसरे व्यक्ति की सोच या भावनाओं को समझने की क्षमता) को मापा जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं में संज्ञानात्मक सहानुभूति (कॉग्निटिव इंपैथी) पुरुषों के मुकाबले ज्यादा पाई गई। हालांकि पुरुष भी संज्ञानात्मक सहानुभूति रखते हैं, लेकिन औसत स्कोर के स्तर पर महिलाएं आगे हैं।
यों हुआ 'आंख में मन को पढ़ने' का परीक्षण
'आंख में मन को पढ़ने' के परीक्षण में प्रतिभागियों को किसी व्यक्ति की तस्वीर में उसकी आंख देखकर उसकी सोच या भावनाओं का वर्णन करने वाले सबसे अच्छे शब्द चुनने को कहा गया। शोध में शामिल हर प्रतिभागी को मानव चेहरे की आंखों के अलग-अलग 36 चित्र दिखाए गए। उन्हें यह बताने के लिए कहा गया कि व्यक्ति क्या महसूस कर रहा है या उसकी मनोदशा क्या है।
मनोविज्ञान अनुसंधान का विषय
शोध के प्रमुख लेखक कैंब्रिज विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सा विभाग के डेविड एम. ग्रीनबर्ग के मुताबिक, कॉग्निटिव इंपैथी दशकों से मनोविज्ञान अनुसंधान का विषय है। कॉग्निटिव इंपैथी बचपन से शुरू होती है और बुढ़ापे तक बनी रहती है। शोधकर्ताओं में शामिल कैरी एलीसन ने कहा, नए परिणाम स्पष्ट रूप से देशों, भाषाओं और उम्र के बीच ***** अंतर को प्रदर्शित करते हैं।
Published on:
29 Dec 2022 01:25 am
