जयपुर
महिला अधिकारिता विभाग की ओर से शुक्रवार को राज्य में महिलाओ और किशोरियों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम के लिए गैर सरकारी संस्थाओं और विशेष योग्यजनों के कल्याण से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें महिला अधिकारिता विभाग की आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही महिलाओं और किशोरियों के प्रति हिंसा रोकने के लिए जल्द ही एक नीति बनाएगी। उन्होंने कहा कि महिला हिंसा को रोकने के लिए पुरूषों को भी संवेदनशील होना होगा।
स्टीयरिंग कमेटी की निशा सिद्धू ने कह कि महिलाओं के साथ होने वाले साइबर क्राइम की राेकथाम के लिए टोल फ्री नंबर का व्यापक प्रचार प्रसार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को फिल्ड विजिट कर वन स्टॉप सेंटर तथा महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र जाकर सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाओ और किशोरियों को किस तरह का बेहतर वातावरण और सहायता उपलब्ध करवाई जा सकती है।
कार्यशाला में यूएनएफपीए के स्टेट हैड दीपेश गुप्ता ने कहा कि हिंसा के मुद्दों को बढ़ने से रोकने के लिए अलग अलग स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। साथ हमको हमने जो महिला नीति और युवा नीति बनाई है उसके अनुसार काम करना होगा तभी हम महिलाओ और किशोरियों के खिलाफ हो रही हिंसा को खत्म कर पाएंगे ।
इस अवसर पर प्रस्तावित और रणनीतियों गतिविधियों एवं परिणामों पर ग्रुप वर्क के तहत कार्यशाला में सहभागिता कर रहे महिला कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न गैर सरकारी संगठनों एवं विशेषग्यो के तीन समूह बनाकर महिलाओं और किशोरियों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम और महिलाओं और किशोरियों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम के लिए प्रतिक्रिया अथवा रिस्पांन्स दो वर्गों में विभाजित कर तीनों समूह को दो-दो विषय दिए गए।