
Earthquake in Africa
जयपुर। आज विश्व सुनामी दिवस हैं। सुनामी मुख्य रुप से समुद्र के किनारों पर उत्पन्न होती हैं। लेकिन राजस्थान के किसी भी शहर में इसका खतरा नहीं है क्योकि यहां समुद्र नहीं हैं। लेकिन इसे मुख्य रूप से भूस्खलन या भूकंप से भी जोड़ कर देखा जाता हैं। कई बार भूकंप की घटनाएं यहां पर हो चुकी हैं। देश में राजस्थान ऐसी जगह और खासतौर पर जयपुर ऐसी जगह है जिसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां भूकंप आने का खतरा सबसे कम हैं। इसलिए राजस्थान को काफी सुरक्षित माना गया है। अगर भूकंप को देखते हुए जोन की बात करे तो राजस्थान को जोन-2 में शामिल किया गया है और यह सबसे कम खतरे वाला जोन है। सबसे ज्यादा खतरे वाला जोन-5 है यहां हमेशा तीव्र भूकंप का खतरा मंडराता रहता है। भू-वैज्ञानिकों की माने तो भूकंप का खतरा देश में हर जगह अलग-अलग है। इस खतरे के हिसाब से देश को चार हिस्सों में बांटा गया है, जैसे जोन-2, जोन-3, जोन-4 तथा जोन-5।
राजस्थान लॉ डैमेज रिस्क जोन
जोन-2 को लॉ डैमेज रिस्क जोन कहते हैं। राजस्थान लॉ डैमेज रिस्क जोन में है इसलिए यहां भूकंप आने की संभावना काफी कम होती हैं। जबकि जोन-5 में हिमालय का केंद्र, कश्मीर और कच्छ का रन शामिल है। दिल्ली हिमालय के निकट है जो भारत और यूरेशिया जैसी टेक्टॉनिक प्लेटों के मिलने से बना था। धरती के भीतर की इन प्लेटों में होने वाली हलचल की वजह से दिल्ली, कानपुर और लखनऊ जैसे इलाकों में भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा है।
राजधानी जयपुर कई बार झेल चुका भूकंप के झटके
राजधानी जयपुर कई बार भूकंप के झटके झेल चुका है। जयपुर में इसी साल अंतिम बार भूकंप आया था। जयपुर भूकंपीय जोन 2 में शामिल किया गया है जो कि कम क्षति जोखिम क्षेत्र माना जाता है। जयपुर में 24 सितम्बर को भूकंप आया था लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं हाल ही में 13 अक्टूबर को भी राजस्थान में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। बीकानेर जिले और उसके आसपास के इलाकों झटके महसूस किए गए हैं। लेकिन जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 आंकी गई है। इसलिए यहां भी कोई नुकसान नहीं हुआ। सितम्बर माह में झुंझुनूं जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। इस भूंकप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.8 मापी गई थी जिस कारण यहां भी नुकसान नहीं हुआ।
Updated on:
05 Nov 2019 11:49 am
Published on:
05 Nov 2019 11:18 am
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