
राष्ट्रपति पद के उम्मीदार यशवंत सिन्हा के बेटे की कंपनी को गहलोत सरकार ने दी बड़ी रियायत
जयपुर। सौर ऊर्जा उत्पादन में सिरमौर बनने के बाद राजस्थान अब सोलर पैनल मेन्यूफेक्चरिंग में जड़े जमा रहा है। राजस्थान में पहली बार एक साथ 11000 मेगावाट क्षमता के सोलर मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट लगेगी। इसके लिए दो कंपनियां राजस्थान में आई हैं। इनमें एक कंपनी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के बेटे की है। सरकार ने फिलहाल एक प्रोजेक्ट को कस्टमाइज पैकेज दे दिया है, जबकि अन्य दो प्रोजेक्ट प्रक्रियाधीन हैं। इस बीच अक्षय ऊर्जा निगम ने सोलर पॉलिसी के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू करदी है। अभी राज्य में करीब 700 मेगावाट क्षमता (प्रतिवर्ष) की ही मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट है।
सरकार यह दे रही रियायत
1. कम्पनी को जीएसएटी में राज्य सरकार अपनी हिस्सा राशि लौटाएगी। 10 साल तक कंपनी को वापिस मिलेगी यह राशि।
2. इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 60 पैसे प्रति यूनिट है, जो दस साल तक पूरी तरह माफ। मेन्यूफ्रेक्चरिंग यूनिट में जितनी बिजली उपभोग होगी, उस पर इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी नहीं लगेगी।
3. कंपनी को लोन राशि पर देय ब्याज में से 6 प्रतिशत बतौर सब्सिडी देंगे।
ये हैं कंपनियां: 4500 करोड़ का निवेश
1. रिन्यू पॉवर : 2000 मेगावाट के प्रोजेक्ट को स्वीकृति। इसमें शुरुआती निवेश 1 हजार करोड़ रुपए का आकलन किया गया है। इसके अलावा 2 हजार मेगावाट की भी प्लानिंग। सुमंत सिन्हा इस कंपनी के संस्थापक और सीएमडी हैं। सुमंद राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के बेटे हैं।
2. चिडीपाल ग्रुप : 7000 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। 3500 करोड़ का संभावित निवेश होगा। यूनिट गुजरात से सटे हुए राजस्थान सीमा में लगाने पर मंथन।
अभी यहां है उत्पादन यूनिट
गुजरात, आंध्रप्रदेश, कोलकाता, तमिलनाडू, हरियाणा राज्य में ज्यादातर उत्पादन यूनिट संचालित हैं।
प्रदेश में यह है अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता
-18700 मेगावाट है कुल अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता
-13234 मेगावाट है इसमें सौर ऊर्जा
-4338 मेगावाट विंड एनर्जी
-120 मेगावाट बायोमॉस
-985 मेगावाट हाईब्रिड एनर्जी
-23 मेगावाट स्मॉल हाइड्रो
Published on:
18 Jul 2022 12:14 pm
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