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जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज के लिए 100 करोड़ 93 लाख का नया टेंडर जारी

- 24 नवम्बर को टेंडर खोले जाएंगे- नई बीएसआर से बढ़ गई दर

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जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज के लिए 100 करोड़ 93 लाख का नया टेंडर जारी

जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज के लिए 100 करोड़ 93 लाख का नया टेंडर जारी

चन्द्रशेखर व्यास
जैसलमेर. जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का तीन वर्ष से लम्बित सपना अब साकार हो सकेगा। दो बार टेंडर जारी किए जाने के बावजूद कार्य की स्वीकृति नहीं होने के कारण काम में हो रही देरी के बाद राज्य सरकार की अंडरटेकिंग कम्पनी राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लि. (आरएसआरडीसी) की तरफ से नए सिरे से टेंडर जारी कर दिया गया है। इस बार जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज निर्माण के पहले चरण के लिए 100 करोड 93 लाख रुपए की सरकारी लागत रखी गई है। गत 17 अक्टूबर को टेंडर जारी किया गया और आगामी 23 नवम्बर सायं 6 बजे तक ठेकेदार फर्में टेंडर राशि भर कर ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगी। टेंडर उसके अगले दिन यानी 24 तारीख को सुबह 11 बजे खोले जाएंगे। गौरतलब है कि आरएसआरडीसी ने इससे पहले दो बार मेडिकल कॉलेज निर्माण के पहले चरण के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई और दोनों बार एक ही फर्म ने दर भरी। तब पहले चरण के कार्य के लिए करीब 87 करोड़ रुपए की राशि एजेंसी ने तय की। ठेकेदार फर्म ने बेसिक शेड्यूल ऑफ रेट (बीएसआर) से करीब 20 प्रतिशत ज्यादा दर भरी। सरकारी नियमानुसार एक फर्म को बीएसआर से 5 प्रतिशत से ज्यादा दर नहीं दी जा सकती। लिहाजा दोनों बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी। काम लेने वाले ठेकेदार को कार्य स्वीकृति के 18 माह में काम पूरा करना होगा। रामगढ़ मार्ग पर यूआइटी की जमीन पर बनने वाले मेडिकल कॉलेज और रेजिडेंस हॉस्टल्स आदि का काम करवाया जाएगा। जैसलमेर मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर रामगढ़ मार्ग पर मेडिकल कॉलेज बनेगा। इसके लिए यूआइटी ने 150 बीघा जमीन आवंटित की हुई है। इस कार्य के लिए सीमेंट कार्यकारी एजेंसी की तरफ से उपलब्ध करवाई जाएगी और ठेकेदार को ही करवाए जाने वाले निर्माण कार्य में बिजली संबंधी कार्य करना होगा।
14 करोड़ तक बढ़ी दर
पूर्व में मेडिकल कॉलेज के पहले चरण में जितनी राशि सरकार खर्च करना चाहती थी, उससे इस बार करीब 14 करोड़ रुपए ज्यादा का प्रावधान किया गया है। दरअसल जैसलमेर की बीएसआर पड़ोसी बाड़मेर और जोधपुर जिलों से करीब 20 प्रतिशत कम मानी जाती थी। इस कारण ठेकेदार फर्म इतनी कम दर पर काम करने के लिए तैयार नहीं हुई। पिछले दिनों राज्य सरकार ने पूरे राजस्थान के लिए एक बीएसआर को मंजूरी प्रदान की। इसके बाद ही जैसलमेर मेडिकल कॉलेज के लिए नई टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि अब पूर्वापेक्षा काफी अच्छी दर दिए जाने से एक नहीं, कई फर्में काम लेने के प्रति उत्साह दर्शाएगी।
2019 में मिली मंजूरी
जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का निर्णय वर्ष 2019 में लिया गया था। उसके बाद से यह कार्य लगातार देरी का शिकार हो रहा है। पहले पहल यह कार्य केंद्र सरकार की एक एजेंसी की तरफ से करवाने की बात थी। बाद में राज्य सरकार ने उसी एजेंसी को इस कार्य के लिए चुना जिसने पड़ोसी बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण करवाया। गौरतलब है कि आरएसआरडीसी सार्वजनिक निर्माण विभाग की ही अंडरटेकिंग कम्पनी है। उसने पिछले मई माह में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए प्रथम चरण में 87.16 करोड़ के कार्य की निविदा आमंत्रित की गई थी। इसके तहत जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज आवासीय क्वार्टर, हॉस्टल आदि का निर्माण करवाया जाना है। यह कार्य 18 माह की अवधि में पूरा करना था। इसमें एकमात्र ठेकेदार फर्म ने अपनी दरें डाली और उसकी दरें अनुमानित लागत से करीब 19 प्रतिशत ज्यादा थी। इस पर निर्णय करते हुए सरकार ने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया करने तथा राज्य भर के लिए एक समान बीएसआर बनाने का निर्णय लिया।

अब कार्य सुचारू होने की उम्मीद
जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज के पहले चरण के कार्य का टेंडर जारी किया जा चुका है। नई बीएसआर दर के आधार पर नए सिरे से टेंडर जारी किए जाने के बाद उम्मीद है कि कार्य करने की इच्छुक कई फर्में टेंडर प्रक्रिया में भाग लेंगी और यह कार्य अब हो जाएगा।
- हर्षवर्धन डाबी, परियोजना निदेशक, आरएसआरडीसी, बाड़मेर

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