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पौधारोपण के बाद इटीएफ ने ग्राम पंचायत को सुपुर्द की जमीन

रेगिस्तान को नखलिस्तान बनाने का कार्य १२८वीं पैदल वाहिनी, प्रादेशिक सेना पर्यावरण राजरिफ की ओर से किया जा रहा है।

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पौधारोपण के बाद इटीएफ ने ग्राम पंचायत को सुपुर्द की जमीन

मोहनगढ़. रेगिस्तान को नखलिस्तान बनाने का कार्य १२८वीं पैदल वाहिनी, प्रादेशिक सेना पर्यावरण राजरिफ की ओर से किया जा रहा है। पर्यावरण पैदल वाहिनी मोहनगढ़ क्षेत्र में वर्ष १९९७ से रेगिस्तान को नखलिस्तान बनाने का कार्य कर रही है। पौधारोपण करने के बाद चार साल तक पौधों का रख-रखाव करने के बाद संबंधित ग्राम पंचायत, वन विभाग, उपनिवेशन विभाग आदि को जमीन सुपुर्द की जा रही है। इसी को लेकर १२८वीं पैदल वाहिनी, प्रासे पर्यावरण राजरिफ की ओर से २०१४.१५ में पनोधरराय मंदिर क्षेत्र में १८० हेक्टेयर भूमि पर १.४४ लाख पौधों का रोपण करने के बाद ग्राम पंचायत मोहनगढ़ को चार साल बाद सुपुर्द किया गया। इस दौरान बटालियन के आरसीपी कॉलोनी स्थित मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कर्नल उमरावसिंह राठौड़ की ओर से दोस्त अली सांवरा सरपंच मोहनगढ़ पौधारोपण की गई भूमि के हस्तांतरण के कागजात सुपुर्द किए गए। इस दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रमसिंह शेखावत, लेफ्टिनेंट कर्नल रोहित कोचर, केप्टन जयसिंह बघेल, सूबेदार मेजर विक्र्रमसिंह शेखावत, गिरधारीलाल लोहिया, अंजना लोहिया, राजेश भूरिया, सहायक अभियंता विद्युत निगम, लाइनमेन रेवंतसिंह भाटी, सूबेदार बाबूसिंह, मंगतसिंह, राजेन्द्र कुमार, नायब सूबेदार सदाशिव सहित बटालियन के अन्य अधिकारी व जवान उपस्थित रहे। बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल उमरावसिंह राठौड़ ने बताया कि बटालियन द्वारा २०१४.१५ में १८० हेक्टेयर में १.४४ लाख पौधे लगाए गए थे, जिसको चार साल पूरा होने पर ग्राम पंचायत को पौधरोपण की हुई भूमि सुपुर्द की गई। इस जमीन पर वर्तमान में पौधों की जीवितता ९२.७० प्रतिशत है। अब अगले साल १५० हेक्टेयर भूमि पर लगे १.२० लाख पौधों को चार साल पूरे हो रहे हैं। वह भूमि भी शीघ्र ही २०१९ में ग्राम पंचायत को सुपुर्द की जाएगी।

आशाओं के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का समापन
जैसलमेर. जैसलमेर ब्लॉक की आशाओं का ५ दिवसीय मोड्यूल ६ व ७ का चतुर्थ चरण आवासीय प्रशिक्षण का समापन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल बुनकर के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। समापन अवसर पर डॉ. बुनकर ने कहा कि आशा ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य प्रहरी के रूप में कार्य करती है। उन्होंने कहा कि आशा अपने क्षेत्र में सक्रिय रह कर आमजन को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। इस अवसर पर जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एमडी सोनी ने आशाओं को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई दी। जिला आशा समन्वयक देवराज ने प्रशिक्षण का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उक्त प्रशिक्षण में कुल २३ आशाओं ने भाग लिया तथा सभी आषाओं ने ग्रेड ए व बी हासिल किया । दक्ष प्रशिक्षक मंजू चौधरी, रामबाबू बैरवा, सुमेरसिंह एवं रमेश मीणा ने आशाओं को प्रशिक्षण दिया।

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