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ब्रह्मसर तीर्थ में वर्षीतप आराधकों का सामूहिक पारणा महोत्सव

ट्रस्ट ने गांधी परिवार को भेंट किया प्रशस्ति पत्र

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ब्रह्मसर तीर्थ में वर्षीतप आराधकों का सामूहिक पारणा महोत्सव

ब्रह्मसर तीर्थ में वर्षीतप आराधकों का सामूहिक पारणा महोत्सव

जैसलमेर. नगर के समीप ब्रह्मसर दादावाड़ी महातीर्थ में आचार्य जिन मनोज्ञ सूरीश्वर महाराज के सानिध्य में पहली बार 100 वर्षीतप आराधकों का सामूहिक पारणा महोत्सव आयोजित किया गया। प्रवक्ता पवन कोठारी ने बताया कि जमनादेवी जेठमल व नेचंद रायचंद दरगाजी गांधी परिवार चितलवाना की ओर से आयोजित पारणा महोत्सव में करीब 100 वर्षीत पाराधकों ने ईक्षु रस से पारणा किया। वर्षी तप आराधना के बारे में जानकारी देते हुए आचार्य मनोज्ञ सूरीश्वर महाराज ने कहा कि ऋषभदेव भगवान ने दीक्षा ग्रहण कर 13 माह से अधिक उपवास किए। उस समय के लोगों को भोजन वहराने का तरीका ज्ञात नहीं था। 400 दिन के उपवास के बाद भगवान ऋषभदेव का हस्तिनापुर नगर में अपने सांसारिक पौत्र श्रेयांस कुमार की ओर से 108 गन्ने के रस के कलशों से पारणा करवाया गया। उन्होंने कहा कि उसी तरह कर्मों के क्षय के लिए श्रावक-श्राविकाएं वर्षीतप आराधना करते हैं। साध्वी विद्युत प्रभा महाराज ने कहा कि सुपात्र दानदाता का श्रेष्ठतम उदाहरण श्रेयांस कुमार है। सामूहिक पारणा महोत्सव में तपस्वियों को लाभार्थी परिवार एवं तपस्वी परिवार के सदस्यों ने ईक्षु रस से पारणा करवाया। ट्रस्ट के अध्यक्ष दानमल डूंगरवाल एवं मंत्री ज्ञानीराम मालू ने गांधी परिवार, सभी तपस्वियों एवं कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लाभार्थी गांधी परिवार का स्वप्न साकार रूप ले चुका है। दादा गुरुदेव की छत्रछाया में उनके परिवार के 24 सदस्यों ने सभी तपस्वियों के साथ पारणा कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी इनके द्वारा तीर्थ विकास में सहयोग मिलता रहेगा।

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