
पोकरण क्षेत्र के भैंसड़ा गांव व आसपास ढाणियों में लंबे समय से पेयजल संकट के हालात बने हुए है, जिसको लेकर जिम्मेदारों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में सर्दी के मौसम में भी ग्रामीणों का बेहाल हो रहा है। भैंसड़ा गांव में जलदाय विभाग की ओर से 7 वर्ष पूर्व सोलर आरओ प्लांट लगाया गया था। उक्त प्लांट लंबे समय से बंद ही पड़ा है। इसके साथ ही प्लांट पर लगाई गई पानी की टंकी की कई वर्षों से सफाई नहीं हुई है। ऐसे में ग्रामीणों को बिना फिल्टर किया हुआ दूषित पानी पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत भी करवाया गया, लेकिन उनकी ओर से आरओ को ठीक कर सुचारु करने एवं पानी की टंकी की सफाई करवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पूर्व उपसरपंच देवीसिंह भैंसड़ा ने बताया कि भैंसड़ा गांव में जलदाय विभाग का नलकूप स्थित है। इस नलकूप से काजासर, बालासर के साथ ही दलसिंह की ढाणी, रेशमाणियों मेघवालों की ढाणी, मोतीसिंह की ढाणी, सगतसिंह की ढाणी विद्यालय में निर्मित जीएलआरों में जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए पाइपलाइनें लगाई हुई है। उन्होंने बताया कि गत दो वर्षों से इन जीएलआरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। पाइपलाइन पर किसानों की ओर से अवैध कनेक्शन कर खेती की जा रही है। यही नहीं नलकूप से अवैध रूप से ट्रैक्टर टंकियां भरवाकर पानी बेचा जा रहा है। जबकि ग्रामीण पानी को तरस रहे है। उन्हें मजबूरन महंगे दामों में पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Published on:
02 Feb 2026 08:35 pm

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