- विद्यालयों में किचन शेड का अभाव होने से मिट्टी में ही पक रहा भोजन
फलसूण्ड. मिड डे मिल में सामग्री की गुणवत्ता व भोजन की शुद्धता के दावे फलसूण्ड क्षेत्र के भूरासर व सांगबेरा गांव में खोखले साबित हो रहे है। यहां मिड डे मिल पकाने के लिए बनाई गई रसोई में टिन शेड व फर्श के अभाव में पकने वाले भोजन के साथ विद्यार्थी मिट्टी भी खाने को मजबूर है। ऐसे में इस भोजन से बच्चों को पोष्टिकता की बजाए बीमारी मिलने की आशंका है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र की ग्राम पंचायत दांतल के सांगाबेरा व भूरासर गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में किचन शेड का अभाव होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ शिक्षा विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढावा देने व पोषाहार में गुणवत्ता लाने के दावे कर रहा है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में हालात इसके उलट ही नजर आ रहे है। सांगाबेरा व भूरासर में स्थित प्राथमिक विद्यालय 2012 में शुरूकिया गया था। यहां किचन शेड का अभाव है।जिसके चलते पोषाहार पकाने वाली महिलाओं को परेशानी हो रही है। बारिश व आंधी के दौरान यहां पोषाहार पकाना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा बजट के अभाव में यहां गैस चूल्हा नहीं है तथा लकडिय़ों पर ही पोषाहार पकाया जा रहा है। इसी प्रकार विद्यालय परिसर की चारदीवारी का निर्माण नहीं करवाए जाने के कारण आए दिन आवारा पशु विद्यालय में परिसर में स्वच्छंद विचरण करते है। जिन्हें निकालने के लिए बार-बार विद्यार्थियों को जाना पड़ता है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।बावजूद इसके शिक्षा विभाग की ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। (नि.सं.)
भेजा गया है प्रस्ताव
विद्यालय में रसोई के लिए कई बार विभाग के अवगत करवाया गया। गैस कनेक्शन के लिए अभी तक बजट प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में प्रस्ताव लेकर विभाग को भिजवाया गया है।
रहमतुल्ला, प्रधानाध्यापक राजकीय प्राथमिक विद्यालय, भूरासर।