
सीमांत और देश के एकदम कोने में बसे नैसर्गिक सौंदर्य की खान धोरों की धरती जैसलमेर में 2024 का डूबता सूरज करीब 30 करोड़ रुपए की बरसात करेगा। 60 हजार पर्यटक झूमेंगे-नाचेंगे-गाएंगे और अपना हैप्पी न्यू ईयर मनाएंगे। गोल्डनसिटी (स्वर्णनगरी) जैसलमेर का तो इससे न्यू ईयर हैप्पी होगा ही राज्य को भी पर्यटन के जरिए बड़ी आय होगी। हवेलियों-किले और धोरों की धरती ने बदलते विश्व के हिसाब से खुद को हाईटेक भी किया है,इसी का परिणाम है कि संसार के कई देशों के विलायती यहां आज की रात नाचने आए है। पीले पत्थर से सोने का आभास और दिन के सूरज में चांदी की चमकती रेत का सांझ ढलते-ढलते सूरज की लालिमा के साथ सोने जैसा होना…भारत में जैसलमेर केा एकदम अलग करता है। उस पर आलीशान हवेलियां और किले,जो सदियों पहले बने है। उनको देखना और फोटोग्राफी में उनका बैकग्राउंड आने वाले हर पर्यटक के सोशल मीडिया स्टेटस की खूबसूरती में चार चांद जड़ देता है। गड़ीसर के राजशाही लुक के तालाब में नाव में बैठने पर अनायास निकल पड़ता है, दिल कहे रूक जा रे रूक जा यहीं पर कहीं, जो बात इस जगह है कहीं पर नहीं और फिर सांझ ढलते ही सम के धोरों में पहुंचते है तो ऐसे लगता है अलग दुनियां में आ गए। ऊंटों की सवारी, जीप का एडवेंचर, डूबते सूरज के साथ उत्साह से लबरेज हजारों चेहरे और उनकी मस्तियां। नववर्ष के लिए अनगिनत खूबियां, जिसमें लग्जरियस लाइफ, एडवेंचर, कल्चरल लुक और दो पंाच हजार से लेकर लाखों रुपए व्यय कर खुशी पाने के तमाम सुविधाएं है, इस कारण आज की रात जैसलमेर की रात है।
-60 हजार पर्यटक
कितना होगा खर्च-30 करोड़
कितने लोगों को रोजगार- 10 हजार
होटल- 400
रेस्टोरेंट-ढाबे-100
-यूरोपियन, फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी, ईटली, स्पेन, आस्टे्रलिया, बेल्जिमय, इरालइलदेशी पर्यटक-राजस्थानी, गुजराती, पंजाबी, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, मध्यप्रदेश ज्यादा
पर्यटक बढ़े-15 लाख से ज्यादा हर साल, युवा पहुंच रहे
अधिकतम बढऩे कारण
-भारतमाला रोड, जैसलमेर हवाई सेवा
-इंटरनेट और हाईटेकट सिस्टम
-बॉर्डर टूरिज्म का प्लान- तनोट मंदिर का विकास
-खुहड़ी बनेगा नय स्पॉटऐसी बैठकें होनी चाहिए
-हाल ही में देश के मुख्यमंत्रियों की वित्त मंत्री सीतारमण ने 55 वीं जीएसटी काउंसलिंग बैठक के लिए जैसलमेर को चुना, इससे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैसलमेर नए एंगल से चर्चा में आया।
-अगस्त 2020 में गहलोत सरकार विवाद में आने पर सभी बाड़ेबंदी को जैसलमेर पहुंचे। इसने भी जैसलमेर को काफी चर्चा लाया।
-प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षामंत्री के दौरे लगातार हुए, जिससे जैसलमेर के पर्यटन और वर्चस्व को काफी संबल मिला।
Published on:
30 Dec 2024 11:45 pm

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