जैसलमेर

 गर्मी से बेहाल जनता, न छांव न पानी की राहत

सरहदी जिले का दूसरा विधानसभा मुख्यालय होने के बावजूद यहां सार्वजनिक स्थलों पर छाया-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण आमजन को परेशानी हो रही है।

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May 15, 2025

सरहदी जिले का दूसरा विधानसभा मुख्यालय होने के बावजूद यहां सार्वजनिक स्थलों पर छाया-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण आमजन को परेशानी हो रही है। इन दिनों भीषण गर्मी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों, चौराहों आदि जगहों पर विश्राम की कोई जगह नहीं होने के कारण आमजन का बेहाल हो रहा है, जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है। जानकारी के अनुसार पोकरण कस्बे की आबादी 25 हजार से अधिक है। इसके साथ ही यहां उपखंड स्तर के कार्यालय होने के कारण आसपास क्षेत्र के गांवों व ढाणियों से प्रतिदिन सैकड़ों लोग पोकरण आते है। जैसलमेर जाने वाले पर्यटक भी पोकरण होकर गुजरते है, जबकि पोकरण में किसी सार्वजनिक स्थल या सरकारी कार्यालय में विश्राम की कोई जगह नहीं है। यही नहीं कस्बे के बस स्टैंडों पर भी छाया-पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को तेज धूप में भी खुले आसमान तले खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। जिसके कारण उन्हें परेशानी हो रही है।

सार्वजनिक स्थलों पर व्यवस्था नहीं

कस्बे में व्यास सर्किल से निकलने वाली स्टेशन रोड, फोर्ट रोड, जोधपुर रोड व जैसलमेर रोड पर मार्केट स्थित है और सैकड़ों दुकानें है। यहां दिन भर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। इसके साथ ही कस्बे में जैसलमेर रोड व जोधपुर रोड पर दो बस स्टैंड भी स्थित है। जबकि यहां छाया-पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म व बाहर छोटे-छोटे दो टिनशेड अवश्य लगे हुए है, लेकिन रेल यात्रियों की भीड़ को देखते हुए वे नाकाफी है।

सरकारी कार्यालयों में भी यही स्थिति

कस्बे के उपखंड अधिकारी कार्यालय सहित किसी भी सरकारी कार्यालय में आने वाले परिवादियों के लिए छाया की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण यहां आने वाले लोगों को बाहर धूप में ही इंतजार करना पड़ता है। इसके साथ ही कई बार कार्य में देरी होने पर लोगों को धूप में खड़े रहना पड़ता है, जबकि जिम्मेदारों की ओर से छाया के पुख्ता प्रबंध नहीं किए जा रहे है। यही नहीं सरकारी कार्यालयों में आने वाले परिवादियों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उन्हें बाजार से बोतलें खरीदनी पड़ती है अथवा प्याऊ से जाकर पानी पीना पड़ता है।

बस स्टैंड विश्राम गृह भी जर्जर

कस्बे के जोधपुर रोड स्थित केन्द्रीय बस स्टैंड में करीब डेढ़ दशक पूर्व एक विश्राम गृह का निर्माण करवाया गया था। समय पर देखरेख व सार-संभाल नहीं किए जाने के कारण यह विश्राम गृह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके साथ ही यह चारों तरफ से खुला होने के कारण आधे से अधिक जगह पर हर समय धूप रहती है। इसके अलावा इसमें पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण आमजन के साथ यात्रियों को परेशानी हो रही है।

आमजन का बेहाल, तबीयत बिगडऩे की आशंका

इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप चरम पर है। पारा 40-42 डिग्री से पार जा रहा है। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों पर छाया की व्यवस्था नहीं होने के कारण आमजन का बेहाल हो रहा है। यही नहीं गर्मी के साथ लू के थपेड़े भी चल रहे है। ऐसे में छाया-पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों की तबीयत बिगडऩे की भी आशंका है। बावजूद इसके नगरपालिका की ओर से सार्वजनिक स्थलों पर छाया-पानी की व्यवस्था करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

उद्यान भी उजाड़

पोकरण में करीब चार उद्यान भी स्थित है, लेकिन उसमें से केवल एक उद्यान ही विकसित है, जो कस्बे के सालमसागर तालाब के हनुमान मंदिर के पास स्थित है। उसकी दूरी चौराहे से अधिक है। ऐसे में केवल कस्बे के लोग ही वहां पहुंच पाते है। तीन उद्यान उजाड़ पड़े है, जो चौराहे के आसपास स्थित है। यहां भी छाया-पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण आमजन का बेहाल हो जाता है।

फैक्ट फाइल:-

  • 25 हजार से अधिक है पोकरण की आबादी
  • 2 हजार से अधिक लोग प्रतिदिन आते है पोकरण
  • 3 उद्यान उजाड़ हालत मेंनहीं है कोई व्यवस्था

भीषण गर्मी के मौसम में सार्वजनिक स्थलों पर छाया की कोई व्यवस्था नहीं है। स्थानीय के साथ बाहरी लोगों को भी धूप में परेशानी हो रही है।

  • गौरीशंकर जोशी, स्थानीय निवासी

बाहरी लोग होते है परेशान

क्षेत्र के आसपास गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते है। यहां सार्वजनिक स्थलों के साथ सरकारी कार्यालयों में छाया की व्यवस्था नहीं होने के कारण गर्मी में बेहाल हो रहा है। जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरुरत है।

  • असीम विश्नोई, निवासी खेतोलाई
Published on:
15 May 2025 08:36 pm
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