
जैसलमेर जिले का चयन उत्कर्ष मिशन में किया गया है। इस उत्कर्ष मिशन का मुख्य कार्य जिले में कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने है। जिससे पशु की नस्ल में सुधार के साथ- साथ दुग्ध उत्पादन की क्षमता में बढ़ोतरी होगी, जिससे पशुपालक की आय मे वृद्वि होगी।
इस दौरान उत्कर्ष मिशन में कार्य करने के लिए पशु मित्र और पशुमैत्री का दो दिवसीय प्रशिक्षण स्थानीय संयुक्त निदेशक कार्यालय के प्रशिक्षण हॉल आयोजित किया गया। इस मौके पर संयुक्त निदेषक डॉ. सुरेन्द्रसिंह तंवर ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुसार पशुपालकों के आय को दो गुणा करने के लिए यह उत्कर्ष मिशन कारगर होगा। ऐसे में पशुपालक को गायों की नस्ल में सुधार आएगा तथा पशु की दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने पशु मित्र एवं पशु मैत्री को शुभकामना देते हुए कहा कि आप विषम परिस्थितियांं वाले जिले में नस्ल सुधार का महत्वपूर्ण कार्य करने जा रहे है। उन्होंने उ्त कार्य में आनेवाली विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से बिन्दुवार प्रकाश डाला।न्यून प्रगति वाला जिला रहा जैसलमेर
उत्कर्ष मिशन के नोडल प्रभारी डॉ. उमेश वरगटिवार ने बताया कि जिले के विस्तृत भौगोलिक क्षेत्रफल को देखते हुए तथा जिले की कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति विगत वर्ष में सबसे न्यून रहने के कारण जिले की कृत्रिम गर्भाधान की गति बढ़ाने के लिए जिले का चयन उत्कर्ष मिशन में किया गया है। उत्कर्ष मिशन के अंतर्गत पशु मित्र और पशु मैत्री को प्रशिक्षण उपरांत गांव का आवंटन किया जाएगा। पशु मित्र और पशु मैत्री अपने क्षेत्र में कृत्रिम गर्भाधन को बढ़ाने का प्रयास करेंगे।दूसरे दिन के प्रशिक्षण में डॉ. प्रसन्ना पांच पांडे एवं डॉ. अंकित पांडे ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पशु मित्र एवं पशु मैत्री को राजस्थान पशुधन एप की जानकारी दी गई। एप के माध्यम से साथ कार्य ऑनलाइन करना होगा। समस्त जानकारी एप में भरने पर ही कार्य का सत्यापन किया जा सकेगा।
Published on:
24 Sept 2024 10:35 pm

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