-जैसलमेर के रेलवे स्टेशन पर धू-धू कर जली दुकान, लाखों का नुकसान-फरार आरोपी की तलाश में पुलिस, मोटरसाइकिल दस्तयाब
जैसलमेर. जैसलमेर रेलवे स्टेशन के बाहर दुकान को आग लगाने की घटना से एकबारगी दहशत का माहौल बन गया। आग को काबू करने में स्थानीय बाशिंदों व दमकल को काफी मशक्कत करनी पड़ी, तब तक दुकान के धू-धू कर जल जाने से उसमें रखा लाखों रुपए का सामान नष्ट हो गया। हादसा रविवार को मध्यरात्रि में हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल ने पानी की बौछार से आग बुझाने का काम किया, लेकिन तब तक केबिन में रखा सामान जल चुका था। दुकान मालिक का आरोप है कि आरोपी युवक ने पेट्रोल छिडक़कर उसे आग के हवाले कर दिया। पुलिस उक्त युवक की तलाश में जुटी है, लेकिन वह अभी तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है।
सवा लाख रुपए नगद भी जले
पुलिस में पेश की रिपोर्ट में कमला पत्नी किशनाराम जाट निवासी गंगाला, चौहटन हाल तोताराम की ढाणी, जैसलमेर ने बताया कि स्टेशन के बाहर उसकी किराणा व अन्य जनरल सामग्री की दुकान में है। रिपोर्ट के अनुसार बीती रात करीब १० बजे प्रयागसिंह निवासी कलाकार कॉलोनी जैसलमेर आया। बकाया पैसे को लेकर उसकी प्रयागसिंह से कहासुनी हो गई। इतने में उसका पति किशनाराम व एक अन्य व्यक्ति भी वहां पहुंच गए। कमला ने बताया कि प्रयागसिंह जाते-जाते उसे धमकी देकर गया था कि सुबह आकर देखना उसकी दुकान का क्या हाल होता है। कमला ने बताया कि वह करीब १०.३० बजे केबिन बंद कर चली गई। मध्यरात्रि को वहां सामने रहने वाले मध्यप्रदेश के मजदूर का फोन आया कि एक व्यक्ति उसकी केबिन को आग लगा रहा है। वह दौडक़र वहां पहुंची और उसका पति किशनाराम भी पहुंचा, तब प्रयागसिंह अपनी मोटरसाइकिल चलाकर भागने की फिराक में था। जब कमला ने उसे पकडऩा चाहा तो वह वाहन छोडक़र भाग खड़ा हुआ। बकौल कमला प्रयागसिंह ने दुकान के पीछे सरिये से वार कर उसमें पेट्रोल डाल कर आग लगा दी। उसने बताया कि जिस बोतल में पेट्रोल लाया गया, वह मौके पर मिली है। रिपोर्ट के अनुसार इस आगजनी में लाखों रुपए के सामान के साथ १.१५ लाख रुपए नगद भी जल गए। कमला ने सात लाख रुपए का नुकसान होने की बात कही है।
आग लगने की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे शहर कोतवाली के उपनिरीक्षक ऊर्जाराम मय जाब्ता ने जांच कार्य शुरू किया। ऊर्जाराम ने बताया कि आरोपी प्रयागसिंह भाटी की तलाश का काम शुरू कर दिया गया है। वह भूमिगत हो गया है। उसे पकडऩे के लिए दबिशें दी जा रही हैं।