Congress: कंगाली में आटा गीला, पस्त पार्टी का हाल ढीला

Congress: कंगाली में आटा गीला, पस्त पार्टी का हाल ढीला

Nitin Bhal | Updated: 19 Jul 2019, 08:21:55 PM (IST) Jammu, Jammu, Jammu and Kashmir, India

Congress: देशभर में जनादेश के लिए जूझ रही कांग्रेस ( Indian National Congress ) के लिए जम्मू ( Jammu ) से भी अच्छी खबर नहीं है। केन्द्रीय नेतृत्व ( AICC ) का संकट अभी टला नहीं है...

जम्मू (योगेश) . देशभर में जनादेश के लिए जूझ रही कांग्रेस ( Indian National Congress ) के लिए जम्मू ( Jammu ) से भी अच्छी खबर नहीं है। केन्द्रीय नेतृत्व ( AICC ) का संकट अभी टला नहीं है कि पार्टी को जम्मू-कश्मीर ( Jammu Kashmir ) में भी जम्मू के स्थानीय नेताओं के ‘अघोषित विद्रोह’ का सामना करना पड़ रहा है। जम्मू के नेता चाहते हैं कि राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले जम्मू संभाग से किसी वरिष्ठ नेता को राज्य की बागड़ोर सौंपी जाए। हाल ही हुए लोकसभा चुनाव में जम्मू संभाग की दोनों सीटें हारने के बाद से कांग्रेस के नेता पार्टी नेतृत्व से खासे नाराज हैं। स्थानीय नेता अपनी चिंताओं पर चर्चा करने के लिए जम्मू में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य गुलाम नबी आजाद के साथ एक अलग बैठक की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अगर नवंबर या दिसंबर 2019 तक चुनाव होते हैं तो कांग्रेस के लिए गैर-मुस्लिम बेल्ट में विधानसभा की सीटें जितना बहुत कठिन होगा। उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम निर्वाचन क्षेत्रों की विधानसभा सीटों को लेकर चिंतित नहीं हैं, क्योंकि हम इन बेल्टों में कम से कम चार से पांच सीटें जीत सकते हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के मामले में हम जम्मू, सांबा और कठुआ जैसे गैर-मुस्लिम क्षेत्रों में लाभ नहीं होगा।

भाजपा की रणनीति से है टक्कर

JK Congress faces 'rebellion, want new apresident from Jammu

एक अन्य कांग्रेस नेता ने कहा कि हम जम्मू में भारतीय जनता पार्टी का सामना करना है जो अनुच्छेद 35-ए और अनुच्छेद 370 के खिलाफ अपने विचारों के साथ बहुत मजबूत हैं और लोग उनका समर्थन करते हैं। हाल ही में, भाजपा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब रहने वाले निवासियों को 3 प्रतिशत आरक्षण दिया। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने स्थानीय नेताओं की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। भाजपा सरकार लोगों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा कर रही है और उनका विश्वास जीत चुकी है।

पूरे नहीं किए वादे

कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले कांग्रेस शासन ने घोषणा की थी कि यह विस्थापितों को मुआवजे के रूप में 25 लाख से 30 लाख रुपए दिए जाएंगे। लेकिन कांग्रेस वादा पूरा करने में विफल रही। वहीं, भाजपा सरकार ने प्रत्येक विस्थापित व्यक्ति के परिवार को 5-5 लाख रुपए प्रदान किए। एक अन्य कांग्रेस नेता ने कहा, हमारी सरकारें लोगों की मांगों को पूरा करने में विफल रहीं और इन मांगों को भाजपा पूरा कर रहा है और इसका श्रेय ले रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में, कांग्रेस के घोषणापत्र में कश्मीर को खुश करने के लिए सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम ( AFSPA ) को वापस लेने का आश्वासन दिया गया।


जम्मू को नजरअंदाज करने का आरोप

कांग्रेस नेता ने कहा कि हमारे नेतृत्व ने हमेशा ही कश्मीर की नीतियों पर ध्यान दिया और जम्मू की उपेक्षा की। हमारे नेता यह भूल जाते हैं कि कांग्रेस ने हमेशा जम्मू से अधिकतम विधानसभा सीटें जीती हैं। एक पूर्व मंत्री ने कहा जम्मू के किसी भी वरिष्ठ कांग्रेस नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनने का मौका नहीं दिया गया है। दिवंगत पंडित मंगत राम शर्मा जैसे कई नेताओं को राज्य में लोगों की सेवा करने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में भाजपा जम्मू कार्ड खेल रही है और लोगों को जम्मू से एक मुख्यमंत्री देने का वादा कर रही है।


प्रदेश अध्यक्ष ने नकारी स्थिति

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इस मुद्दे पर बात करते हुए जम्मू कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि यह काल्पनिक स्थिति है। कांग्रेस में कोई कलह नहीं है। कृपया मुझे उन नेताओं के नाम बताइए जिन्होंने आपसे बात की थी।

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