script CG Election 2023: कुरियारी गांव में मतदान का किया बहिष्कार, 2700 में मात्र 606 वोट डले | CG Election 2023: Boycott of voting in Kuriyari village | Patrika News

CG Election 2023: कुरियारी गांव में मतदान का किया बहिष्कार, 2700 में मात्र 606 वोट डले

locationजांजगीर चंपाPublished: Nov 18, 2023 03:33:42 pm

CG Election 2023: तालाब व खेत तक पानी नहीं पहुंचने से आक्रोशित कुरियारी गांव के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार कर दिया।

CG Election 2023: कुरियारी गांव में मतदान का किया बहिष्कार, 2700 में मात्र 606 वोट डले
CG Election 2023: कुरियारी गांव में मतदान का किया बहिष्कार, 2700 में मात्र 606 वोट डले
जांजगीर-रिंगनी। CG Election 2023: तालाब व खेत तक पानी नहीं पहुंचने से आक्रोशित कुरियारी गांव के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार कर दिया। गांव में 2700 वोट में मात्र 606 वोट पड़े। इसमें से अधिकांश कर्मचारी व एक विशेष वर्ग शामिल हैं। बाकी किसान वर्ग ने चुनाव बहिष्कार कर दिया।
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कंजी नाला से तालाब तक पानी पहुंचाने की मांग, समझाइश के बाद भी नहीं माने ग्रामीण

कुरियारी के ग्रामीण वोट डालने घर से नहीं निकले। हालांकि मतदान के दिन समझाइश देने पूरे दिन तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी गांव में डटे रहे। जबरन वोट कराया गया, इसलिए 606 वोट पड़ गए। नवागढ़ क्षेत्र के गांव कुरियारी में बड़ी संख्या में किसान वर्ग के निवासरत हैं। यहां के ग्रामीणों की लंबे समय से टेल एरिया में नहर का पानी पहुंचने व कंजी गांव के बाहर होने से तालाब व खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग थी।
इसको लेकर ग्रामीण माह भर पहले एसडीएम से लेकर कलेक्टर तक ज्ञापन सौंप चुके थे। चुनाव बहिष्कार की जानकारी होते ही तत्काल तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी गांव पहुंचे। ग्रामीणों को मनाने प्रयास किया गया। लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए। ग्रामीण अपनी एक सूत्रीय मांग तालाब तक पानी कंजी नाला से पहुंचाने एक नाला बनाने की कर रहे थे। तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी समझाइश दिए, ग्रामीणों के नहीं मानने पर अधिकारी लौट आए।
इसके बाद इधर ग्रामीण मान कहकर रिपोर्ट दिए। जबकि ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए थे। 17 नवंबर को मतदान के दिन ग्रामीण वोट करने निकले ही नहीं। इसकी जानकारी अफसरों को होने पर तत्काल नायब तहसीलदार अश्वनी चंद्रा सहित अन्य अधिकारी को गांव भेजे। जहां जानकारी सही मिली। अधिकारी ग्रामीणों को फिर से समझाइश देने लगे, वे मानने को तैयार नहीं हुए।
ऐसे में कुछ जाति विशेष व कर्मचारियों को जबरदस्ती वोट कराया गया। तब जाकर शाम 5 बजे मात्र 606 वोट पड़े। जबकि कुरियारी व आश्रित गांव तेंदूवा मिलाकर कुल 2700 वोटर हैं। पूरे दिन अधिकारी गांव में डटे रहे तब जाकर यह हाल रहा। अगर अधिकारी नहीं जाते तो एक भी ग्रामीण वोट करने मतदान केन्द्र नहीं पहुंचते।
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सलखन में एक घंटे बाद शुरू हुआ मतदान

सलखन गांव के ग्रामीण भी गांव में महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। जानकारी होते ही जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी समझाइश देने गांव में पहुंचे, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार ही नहीं थे। एक दिन पहले तक मांग में अड़े रहे। मतदान के दिन फिर सुबह अधिकारी पहुंचे, फिर मनाने लगे, इसके बाद ग्रामीण मुख्यमंत्री द्वारा चांपा में किए गए आश्वासन में चुनाव करने को तैयार हो गए। इस तरह एक घंटे के बाद सलखन में मतदान शुरू हुआ।

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