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पिलानी की सड़कों पर रोज दौड़ती हैं चार हजार साइकिल

प्रदूषण रोकने के लिए ग्रीनरी को बढावा देने की बात की जाती है। जिसके लिए भी बिट्स कैंपस एक प्रेरणा से कम नहीं है। यहां पर प्रवेश द्वार से लेकर चारों ओर हरे पेड़ों ने यहां पर प्रदूषण के स्तर को कभी बढने तक नहीं दिया। सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए भी यह सबसे अच्छी जगह मानी जाती है।

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पिलानी की सड़कों पर रोज दौड़ती हैं चार हजार साइकिल

पिलानी की सड़कों पर रोज दौड़ती हैं चार हजार साइकिल

शहरों और कस्बों में आमतौर पर कार और मोटरसाइकिल का राज देखने को मिलता है लेकिन पिलानी कस्बे की सड़कों पर आज भी बड़ी संख्या में साइकिल ही चलती हैं। यहां के बिट्स कैंपस में पढने वाले आधे से ज्यादा विद्यार्थी साइकिल की सवारी ही पसंद करते हैं।खास बात यह है कि बिट्स के बच्चों को देखकर कस्बे के अन्य लोग भी साइकिल ही चलाना पसंद करने लगे हैं।

यहीं बेचकर चले जाते हैं विद्यार्थी

दरअसल बिट्स में पढाई पूरी होने के बाद विद्यार्थी अपनी साइकिल यहीं पर बेचकर अपने शहर चले जाते हैं। इस कारण कस्बे के लोगों के लिए यह एक सस्ता साधन हो गया और प्रदूषण में भी कमी आई है। एक अनुमान के अनुसार बिट्स कैंपस में 2000 से अधिक साइकिल बच्चों के पास हैं। इतनी ही साइकिल कस्बे के अन्य लोग काम में ले रहे हैं।

हरा-भरा कैंपस भी दे रहा है सहयोग

प्रदूषण रोकने के लिए ग्रीनरी को बढावा देने की बात की जाती है। जिसके लिए भी बिट्स कैंपस एक प्रेरणा से कम नहीं है। यहां पर प्रवेश द्वार से लेकर चारों ओर हरे पेड़ों ने यहां पर प्रदूषण के स्तर को कभी बढने तक नहीं दिया। सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए भी यह सबसे अच्छी जगह मानी जाती है।

बिट्स में ही नई साइकिलों की खपत

साइकिल का थोक का व्यवसाय करने वाले नरेंद्र गिरधर बताते हैं कि करीब सालभर में बिट्स कैंपस के स्टूडेंट्स द्वारा 1000 औसतन साइकिल खरीदी जाती है। जो किसी एक कस्बे में सर्वाधिक है। यह प्रदूषण रोकने में काफी कारगर सिद्ध हो रहा है।