
झुंझुनूं जिले के सचिन राहड़ ने यूपीएससी में 291 रैंक हासिल की है। सचिन ने सिविल सेवा में चयन पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें सामान्य श्रेणी में 291 वीं रैंक हासिल हुई है। प्रशासनिक सेवा में काम करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का जीवन स्तर ऊंचा करना मुख्य मकसद रहेगा।
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बिरला पब्लिक स्कूल पिलानी से की। 12 वीं की परीक्षा के बाद सीकर की ही राजस्थान एनडीए अकेडमी से तैयारी कर एनडीए में भी चयन हुआ था। जुनून आईएएस अधिकारी बनने का था, इसलिए एनडीए जॉइन नहीं की और कॉलेज के साथ ही यूपीएससी की तैयारी शुरू की। उन्होंने बीएससी ऑनर्स की डिग्री दिल्ली की हिंदू कॉलेज से हासिल की। सचिन के पिता झुंझुनूं में ही सीनियर इंजीनियर के पद पर है और इनकी माता झुंझुनूं में ही सरकारी अध्यापिका हैं।
सचिन के माता-पिता ने ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि सचिन का हौंसला बुलंद था और इसने ठान लिया था कि चाहे जो हो जाए पर बनना तो आइएएस अधिकारी ही है। सचिन के मित्र एडवोकेट हिमांशु कस्वा ने बताया कि सचिन शुरू से ही पढ़ाई में होशियार थे। वे तीन बार प्रयास करके भी असफल रहे लेकिन पहाड़ सा हौंसला रखा और हार नहीं मानी। आखिरकार चौथे प्रयास में इतिहास रच दिया।
संघ लोक सेवा आयोग की ओर से मंगलवार को जारी किए गए भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा के परिणाम में किसान कॉलोनी के हिमांशु रेवाड़ ने 779वीं रेंक हासिल की है। मूल रूप से नांगली गांव के हिमांशु ने स्कूली शिक्षा न्यू राजस्थान स्कूल झुंझुनूं से की और दसवीं में टॉप किया। आइआइटी दिल्ली से बीटेक किया। हिमांशु ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। हिमांशु के पिता बीरबलसिंह रेवाड़ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बागोरा में शिक्षक हैं जबकि माता मिश्रा अंटावाली ढाणी नवलगढ़ में उप प्रधानाचार्य हैं। हिमांशु ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, बहन और अध्यापक को दिया है।
Published on:
17 Apr 2024 09:11 pm

बड़ी खबरें
View Allझुंझुनू
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
