
राकेश झुनझुनवाला : झुंझुनूं में उतारना चाहते थे चार्टर्ड प्लेन, इच्छा रही अधूरी
झुंझुनूं. द बिग बुल, द किंग ऑफ दलाल स्ट्रीट, शेयर मार्केट के बादशाह और भारत के वारेन बफेट जैसे कई अन्य नामों से मशहूर राकेश झुनझुनवाला का रविवार सुबह निधन हो गया। राकेश झुंझुनवाला का जन्म भले ही यहां नहीं हुआ हो लेकिन उनकी जड़ें झुंझुनूं जिले से जुड़ी हुई हैं। उनका पुश्तैनी गांव झुंझुनूं जिले का मलसीसर है, जहां उनके परदादा रहा करते थे। राकेश झुनझुनवाला का यहां से गहरा लगाव रहा है। राणी सती में उनकी गहरी आस्था थी। वे वर्ष 2009 में झुंझुनूं आए भी थे। तब वे यहां अपने जुड़वा बच्चों का जड़ुला उतारने के लिए राणी सती आए थे। सीए मनीष अग्रवाल के अनुसार अकाशा एयरलाइंस शुरू करने के बाद राकेश झुनझुनवाला की इच्छा थी कि वे चार्टर्ड प्लेन लेकर झुंझुनूं आए और यहीं पर चार्टर्ड प्लेन की पूजा करवाए लेकिन हवाई पट्टी छोटी होने के कारण यह संभव नहीं हो सका।
डूंडलोद रहा आना जाना
राकेश झुनझुनवाला डूंडलोद विद्यापीठ के कमेटी मेम्बर थे। उनके पिता राधेश्याम झुनझुनवाला के दोस्त डूंडलोद विद्यापाठी के मुख्य सलाहकार रमाकांत शर्मा बताते हैं कि राकेश और राजेश दोनों भाई उन्हें ताऊजी कहते हैं। वर्ष 2009 में उन्होंने ही डूंडलोद विद्यापीठ में बॉयज हॉस्टल का उद्घाटन किया था।
इसलिए पड़ा झुनझुनवाला नाम
राकेश झुनझुनवाला का परिवार मलसीसर में रहता था। उनके परदादा मलसीसर से कानपुर जाकर बस गए। झुंझुनूं जिले के होने के कारण उनका सरनेम झुनझुनवाला बन गया।
झुंझुनूं जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित मलसीसर कस्बे में उनकी एक हवेली थी जहां अब मार्केट बना है।
राकेश झुनझुनवाला के पिता राधेश्याम झुनझुनवाला आईआरएस अधिकारी थे। हैदराबाद, कोलकाता व मुम्बई में आयकर आयुक्त के रूप में उन्होंने सेवाएं दी। हैदराबाद पोस्टिंग के दौरान 5 जुलाई 1960 को राकेश का जन्म हुआ।
Published on:
14 Aug 2022 01:24 pm
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