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दुनिया में 4 में से 1 व्यक्ति को जीवनकाल में एक बार स्ट्रोक, 12 प्रतिशत 40 साल से कम आयुवाले

एम्स में मनाया विश्व स्ट्रोक दिवस जागरूकता कार्यक्रम

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दुनिया में 4 में से 1 व्यक्ति को जीवनकाल में एक बार स्ट्रोक, 12 प्रतिशत 40 साल से कम आयुवाले

दुनिया में 4 में से 1 व्यक्ति को जीवनकाल में एक बार स्ट्रोक, 12 प्रतिशत 40 साल से कम आयुवाले

जोधपुर.विश्व स्ट्रोक दिवस प्रतिवर्ष 29 अक्टूबर को आयोजित किया जाता है। इस दिन का उद्देश्य स्ट्रोक के लक्षणों, उपचार के विकल्पों और स्ट्रोक से उबरने के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। डायग्नोस्टिक और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग ने उपचारित स्ट्रोक के रोगियों को सम्मानित करके इस दिन को मनाया। डायग्नोस्टिक एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ पुष्पिंदर खेरा ने स्ट्रोक के लक्षणों और स्ट्रोक के बेहतर प्रबंधन के लिए जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचने के महत्व के बारे में बताया। उपचारित स्ट्रोक के रोगी और उनके रिश्तेदार स्ट्रोक के लक्षणों और उपचार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए संदेशवाहक के रूप में काम कर सकते हैं। एम्स अधीक्षक डॉ एम के गर्ग और एकेडमिक डीन डॉ कुलदीप सिंह उपस्थित थे। स्ट्रोक (पक्षाघात) वयस्कों में स्थाई विकलांगता का सबसे आम कारण है और मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण है । पिछले दशक में स्ट्रोक के कारण मृत्यु दर में 28% की वृद्धि हुई है और यह हर छह सेकंड में 1 मौत का कारण बनता है। दुनिया में हर चार में से एक व्यक्ति के जीवनकाल में एक बार स्ट्रोक होता है और 12% प्रभावित लोग 40 साल से कम उम्र के होते हैं। विकलांगता से बचने और मृत्यु को रोकने के लिए लक्षण शुरू होने के पहले छह घंटों के भीतर सही उपचार शुरू करना बहुत ज़रूरी है। स्ट्रोक में हर मिनट लगभग 20 लाख न्यूरॉन्स (दिमाग़ की कोशिकाएं) मरती हैं। इसलिए समय पर अस्पताल पहुंचना जरूरी है। अगर समय रहते पता चल जाए तो अधिकांश मामलों में स्ट्रोक का इलाज किया जा सकता है। स्ट्रोक के उपचार के दो तरीके उपलब्ध हैं: हाथ की नस के माध्यम से थ्रोम्बोलिसिस और सूक्षम विधि से दिमाग़ की नस से थक्के को निकालना । एम्स जोधपुर राजस्थान का एकमात्र सरकारी हॉस्पिटल है जोकि देश के कुछ चुनिंदा स्ट्रोक रेडी हॉस्पिटल में शामिल है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ. शुभकरण खींचड़ ने कहा कि लकवा, स्ट्रोक या पक्षाघात विश्व में विकलांगता व मौत का प्रमुख कारण है। लक्षण मिलते ही तुरंत अस्पताल व चिकित्सक से संपर्क साधना चाहिए।

लक्षण बी-फास्ट में यूं याद रखे

संतुलन (Balance)- अचानक संतुलन बिगड़ना

नज़र (Eyes)- नज़र का कमजोर होना

चेहरे (Face) का एक तरफ झुकना

हाथ/पैर (Arm) की अचानक कमजोरी

बोलने (Speech)- में असमर्थता

समय (Time to reach Stroke Ready Hospital) तुरंत ऐसे हॉस्पिटल पहुँचे जहाँ स्ट्रोक के इलाज की पूरी सुविधा उपलब्ध हो