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माता-पिता का निधन, जमीन बेची, जुए की लत ने करवाए Tripple Murder

- नानी व दो दोहितियों की हत्या का मामला : आरोपी को जेल भेजा, अकेले ने ही की थी तीनों की हत्या

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tripple murder

ट्रिपल मर्डर का आरोपी।

जोधपुर.

बनाड़थानान्तर्गतनांदड़ा खुर्द गांव स्थित मकान में नानी व दो दोहितियों की हत्या में एक युवक का ही हाथ था। ट्रिपल हत्याकाण्ड का कारण भी जुए में रुपए की जरूरत होना ही सामने आया है। जुए की इस लत के चलते उसने पुश्तैनी जमीन बेच दी थी। पांच दिन रिमाण्ड के बाद पुलिस ने बुधवार को आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया।

थानाधिकारी प्रेमदान रतनू ने बताया कि प्रकरण में नांदड़ा खुर्द गांव निवासी दिनेश जाट को गिरफ्तार कर पांच दिन रिमाण्ड लिया गया था। इस दौरान उसकी निशानदेही से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और खून के धब्बे लगे कपड़े बरामद किए गए। रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भिजवा दिया गया। पूछताछ में सामने आया कि उसने अकेले ने ही तीनों की हत्या की थी। साजिश में भी किसी और व्यक्ति के शामिल होना नहीं पाया गया है।

रिश्तेदारों संग रहता था

पुलिस का कहना है कि आरोपी दिनेश के माता पिता का निधन हो चुका है। भाई साथ नहीं रहता है। आरोपी गांव में ही रहने वाले रिश्तेदारों के यहां रहता था। वह कुछ समय पहले गुजरात में मजदूरी करता था। फिर वह काम छोड़कर गांव आ गया था। उसे ऑनलाइन जुए के साथ-साथ शराब पीने की भी लत थी। कुछ समय पहले उसने अपने हिस्से की पुश्तैनी जमीन बेच दी थी। उससे लाखों रुपए मिले थे। यह राशि भी वह संभवत: जुए में हार गया था।

रात में घर के सभी सदस्यों के मौजूद होने का अंदेशा

दिनेश गत तीन जुलाई को ऑनलाइन जुआ (चकरी घूमाने वाला) में 50-60 हजार रुपए हार गया था। वह और जुआ खेलना चाहता था, लेकिन उसके पास रुपए नहीं थे। इस बीच, महेन्द्र व भाई पुखराज की पत्नियों को उसने अस्पताल जाते देख लिया था। उसने सोचा कि दोनों भाई अपने-अपने काम पर हैं। इनकी पत्नियां घर नहीं है तो पीछे वृद्धा भंवरीदेवी अकेली ही होगी। रात को सभी घरवालों के मौजूद होने से वह रुपए नहीं चुरा पाएगा। इसलिए उसने दोपहर में ही रुपए चुराने का निर्णय किया था। वह दोपहर एक बजे पुखराज के घर पहुंच गया था, जहां वृद्धा आगे वाले कमरे में मिल गई थी। कुछ देर बातें करने के बाद वह लघुशंका के बहाने बाहर गया था और कुल्हाड़ी लेकर लौटा था। उसने पहले भंवरीदेवी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी और फिर मासूम भावना व लक्षिता को टांके में डूबो दिया था। कमरे में संतोष को नींद में देखा तो उसके सिर में भी कुल्हाड़ी मार दी थी। फिर उसने बक्से व अटैचियों के ताले तोड़े थे, लेकिन उसमें से कुछ रुपए नहीं मिले तो भाग गया था।

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