कानपुर. जन्म के तीन माह ही बीते थे कि भगवान ने मां को उठा लिया। मां की मौत के बाद पिता बेटी को प्रताड़ित करने लगा। बेटी पिता की ज्यादती सहती रही और अपने पैरों में जब खड़ी हुई तो बुआ की नजर उसकी खूबसूरती पर पड़ी। बुआ ने बेटी के पिता को मिलाकर उसके जिस्म का सौदा कर एक युवक को पचास हजार में बेच दिया। युवक उसे लेने के लिए जब घर आया तो बेटी खिड़की से छलांग लगाकर किसी तरह अपने प्रेमी के पास पहुंची।
बेटी ने अपने पिता व बुआ की करतूत प्रेमी को बताई तो वह उसे लेकर बजरिया थाने पहुंचा, जहां उसने पिता और बुआ की करतूत बताई, लेकिन पुलिस ने उसे थाने से टरका दिया। इसी दौरान बुआ और पिता ने युवती के अपहरण का मुकदमा उसके प्रेमी के खिलाफ दर्ज करा दिया। बजरिया पुलिस युवती के प्रेमी को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुंची, लेकिन किसी तरह से दोनों वहां से निकलकर सीधे आशा ज्योति केंद्र पहुंचे। केंद्र पर मौजूद अध्यक्ष ने दोनों की बात सुनी और हर संभव मदद के साथ न्याय दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
बुआ ने युवक के साथ सोने को कहा
बजरिया थानाक्षेत्र में रहने वाली अर्चना (परिवर्तित नाम) ने बताया कि जन्म के तीन माह बाद ही मां की मौत के बाद पिता ने उसे बुआ के घर भिजवा दिया। जहां बुआ की नजर मेरे शरीर पर थी। मैं पढ़ना चाहती थी, लेकिन पिता व बुआ ने मुझे पढ़ाई से दूर रखा। बुआ मुझे मोहल्ले के घरों में काम के लिए भेजती और जो पैसा मिलता उससे वह अपना खर्च चलाती। बेटी ने बताया कि 19 दिन पहले बुआ ने घर में एक युवक को बुलाया और मेरे कमरे में भेज दिया। वह मेरे साथ गलत काम करने लगा तो मैने विरोध कर उसे भगा दिया और बुआ के घर से भागकर पिता के घर आ गई। इस बात की जानकारी होने पर पिता ने मुझे पीटा और फिर बुआ के घर छोड़ आया।
... और 50 हजार रुपए में बेच दी बेटी
बेटी ने बताया कि अगस्त की शाम पिता बुआ के घर आया और दोनों ने मोहल्ले के एक युवक को फोनकर घर बुलाया। युवक रात करीब 10 बजे आ धमका। युवक ने बैग से निकालकर बुआ को पचास हजार रुपए दिए। बुआ ने आधा पैसा मेरे पिता को दिया और मुझसे तैयार होकर आने को कहा। जब मैने पिता से कहा कि आपने सिर्फ पचास हजार में मेरे शरीर का शौदा कर लिया, तो उसने मेरी जमकर पिटाई की और कमरे में बंद कर दिया। इसी दौरान मुझे वहां से भागने का मौका मिल गया। मैं कमरे की खिड़की से छलांग लगाकर वहां से भाग गई और अपनी आबरु बिकने से बचाई।
पिता ने दर्ज कराई FIR तो दोनों ने की शादी
पिता ने युवती के प्रेमी के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।पुलिस से बचने के लिए दोनों ने कोर्ट में शादी कर ली। बावजूद पिता के कहने पर बजरिया पुलिस दोनों के पीछे पढ़ी थी। पुलिस की दबिश के चलते युवती अपने पति को लेकर आशा ज्योति केन्द्र पहुंची और काउसलिंग महिलाओं के सामने फफक-फफक कर रोते हुए अपनी आपबीती बयां की।
पिता ने कहा सारे आरोप निराधार
आशा ज्योति केन्द्र की चौकी प्रभारी रीना गौतम के साथ 181 काउसंलर दीप्ती सिंह ने पीड़िता को सहारा दिया। काउंसलर महिलाओं ने जब दोनों पक्षों को बैठाकर आमने-सामने बात की तो पता चला कि बेटी की शादी से पिता व बुआ किसी और युवक से कराना चाहते थे, लेकिन बेटी राजी नहीं हुई और घर से भागकर अपने प्रेमी के घर में रहने लगी। वहीं बेटी ने पिता के बातों को झूठ बतालाते हुए कहां कि पिता और बुआ उसे बेच दिया था अब वह पुलिस के जरिए मुझे और मेरे पति को जेल भिजवाने में तुले हैं।
एसएसपी के पास पहुंची पीड़िता
चौकी प्रभारी ने पीड़िता की बात सुनकर उसे और उसके पति को एसएसपी शलभ माथुर के पास भेजा। बेटी ने एसअसपी से मिलकर अपनी आपबीती बताई। बेटी ने एसएसपी को बताया कि पहले उसके पिता व बुआ ने उसे बेच दिया। जब मैं किसी तरह से उनके चंगुल से बचकर अपने प्रेमी के पास गई तो पिता ने उसके खिलाफ ही अपहरण का मामला दर्ज करा दिया। एसएसपी शलभ माथुर ने पीड़िता को निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।