हिण्डौनसिटी. व्यापारियों की प्रदेश स्तरीय कारोबार बंदी हड़ताल के खत्म होने से दस दिन बाद कृषि उपज मंडी में जिंसों की तुलाई शुरू होने से रौनक लौट आई। पहले दिन नई सरसों के 25 हजार कट्टों की आवक से सूनी पड़ी मंडी गुलजार हो गई। सुबह से शाम तक चली नीलामी में सोमवार को करीब 6 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। मंडी में व्यापारिक कामकाज शुरू होने से मंगलवार से सरसों की आवक में बढ़ोतरी उमीद है। दसअसल राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर मंडियों में व्यापारियों की हड़ताल के चलते किसान नई सरसों व अन्य जिंसों के बेचान का इंतजार कर रहा था। सोमवार से कारोबार शुरू होने की सूचना पर सुबह 9 बजे से ही कैलाश नगर स्थित जिले की अ श्रेणी की कृषि उपज मंडी में वाहनों में जिंसों को लेकर किसानों का आना शुरू हो गया। सुबह 11 बजे विधिवत नीलामी शुरू होने से कृषि मंडी के तीनों ब्लॉकों के यार्ड व दुकानों के प्लेटफार्म सरसों के कट्टों व ढेरियों से अट गए। ऐसे में दोपहर बाद तीन बजे तक एक ब्लॉक की नीलामी पूरी हो सकीं। अन्य यार्डों की सरसों की नीलामी शाम करीब 7 बजे तक चली। ऐसे में सरसों के अलावा गेहूं, बाजरा व दूसरी जिंस लेकर आए किसानों को नीलामी की बारी के लिए इंतजार करना पड़ा। कृषि उपज मंडी व्यापार मंडल के महामंत्री सौरभ बंसल ने बताया कि 10 दिन बाद मंडी खुलने से एक दिन में 25 हजार कट्टा सरसों की आवक हुई है।
अधिक आवक से हल्काए दाम : मंडी में एक साथ सरसों की अधिक आवक होने से सरसों के भावों में अपेक्षाकृत गिरावट नजर आई। ऐसे में नीलामी के दौरान जटनंगला के दिनेश डागुर व ढिंढोरा के मिथुन डागुर हड़ताल से पहले के भावों में कमीं आने पर नाराजगी जताई।
कृषि उपज मंडी समिति के सुपरवाई पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि सरसों के गुणवत्ता के अनुरूप 5 हजार से 5800 रुपए प्रति क्विंटल के भाव रहे है। जबकि 42 कंडीशन पुरानी सरसों के भाव 5800 रुपए प्रति क्विंटल रहे हैं।
पल्लेदारों को मिला काम, खिले चेहरे
कारोबारी सीजन में बेरोजगार बैठे पल्लेदारों के मंडी खुलने से चेहरे खिल गए। भारी मात्रा में सरसों की आवक से ज्यादा काम से पल्लेदार खुश नजर आए। क्यारदा खुर्द गांव निवासी पल्लेदार हरीलाल ने बताया कि दस दिन से उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा था। मंडी खुलने से 700-800 पल्लेदार व 100-200 बिहारी श्रमिकों को काम मिल गया है।
इनका कहना है
व्यापारियों की कारोबार बंदी हड़ताल खत्म होने पर 10 दिन बाद मंडी में विधिवत व्यापारिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। सरसों की कटाई में तेजी आने से आगामी दिनों में मंडी में कारोबार और बढ़ेगा। मंडी समिति को भी टैक्स से अच्छी आय होने की उमीद है।
महेंद्र शर्मा, सचिव कृषि उपज मंडी, हिण्डौनसिटी।
सरसों से गौण मंडियां भी दमकीं
व्यापारियों की हड़ताल खत्म होने से हिण्डौन मंडी के अधीन संचालित करौली व टोडाभीम की गौण मंडियों में कारोबार शुरू हो गया। करौली में जिंसों की आवक कम रही। जबकि टोडाभीम मंडी में सरसों की खूब आवक हुई।