हिण्डौनसिटी. केंद्र सरकार की क्रोनी केपीटलाइज्म नीति के विरोध में कांग्रेस की ओर से भारतीय जीवन बीमा निगम के दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। नगर परिषद सभापति ब्रजेश कुमार जाटव के नेतृत्व में किए प्रदर्शन के दौरान के वक्ताओं ने केन्द्र सरकार पर के गलत आर्थिक नीतियों के जरिए आमजन की गाढ़ी कमाई को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से एक औद्योगिक समूह की कम्पनियों में लगाने का आरोप लगाया।
प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर शहर और देहात ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सुबह करीब 10 बजे रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम के कार्यालय पहुंचे। जहां कांग्रेसजनों ने केन्द्र सरकार पर एक विशेष औद्योगिक घराने को लाभ पहुंचाने को एलआईजी और एसबीआई की पूंजी लगाने का आरोप लगाया। बाद में कांग्रेसजन सभापति के नेतृत्व में एलआईसी कार्यालय भवन के मुख्यद्वार पर धराना पर बैठ गए। इस दौरान सभापति ने कहा कि केंद्र की भजपा सरकार अडाणी समूह को क्रोनी केपीटलाइज्म के माध्यम से आमजन की गाढ़ी कमाई के रुपयों को अडानी समूह की कंपनियों में लगा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वित्तीय शोध कंपनी हिडनबर्ग ने बीते माह एक रिपोर्ट में गलत तरीके से सरकारी संस्थानों में जमा जनता की पूंजी लगाने का खुलासा किया था। उन्होंने आरोप लगा किया रिपोर्ट में किए खुलासे सही साबित होते हैं, तो यह लोगों के साथ कुठाराघात है। अन्य वक्ताओं ने भी संयुक्त संसदीय कमेटी या सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के जज के नेतृत्व में आरोपो की जांच कराने की मांग की। जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह सोलंकी, पूर्व उपसभापति नफीस अहमद, देहात ब्लॉक अध्यक्ष भगत सिंह डागुर एवं शहर ब्लॉक अध्यक्ष नरसी पाराशर ने भी केंद्र सरकार पर एक व्यक्ति विशेष के औद्यौगिक समूह को लाभ देने के आरोप लगाए। धरना प्रदर्शन के दौरान पंचायत समिति प्रधान विनोद कुमार जाटव, पूर्व पार्षद गोपेंद्र सिंह पावटा, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गीता रानी शर्मा ,वरिष्ठ कांग्रेसी विक्रम सिंह हाबूड़ा, पार्षद कप्तान सिंह गुर्जर, पिंकी जाटव,नाजऩीन साह, रविंद्र बेनीवाल, समय सिंह फौजी, महेंद्र सिंह राजपूत,श्याम सुंदर सैनी, राजेश लहकोडिय़ा, अजीज खान, मुकेश जाटव, कप्तान सिंह क्यारदा, ब्रह्मानंद शर्मा, वासुदेव जांगिड़, रोशन सिंह डागुर, रामेश्वर सरपंच, सूरौठ मंडल अध्यक्ष बत्तू मीणा, पुष्पेंद्र सिंह गारूवाल सहित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।