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कैंसर रोगियों को बाहर जाने से राहत, अब हिण्डौनसिटी अस्पताल में होगी फॉलोअप कीमोथेरेपी

हिण्डौनसिटी. कैंसर रोग से जूझ रहे क्षेत्र में मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें इलाज के लिए जयपुर जाना नहीं पड़ेगा। शहर के जिला स्तरीय चिकित्सालय में राज्य सरकार ने कैंसर केयर सेंटर (डे-केयर) खोल कर रोगियों को फॉलोअप उपचार सहित अन्य चिकित्सा सेवाएं शुरू कर बड़ी सुविधा प्रदान की है। इसके तहत जिला अस्पताल में 3 बेड का डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर शुरू कर दिया है। इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही कीमोथेरेपी भी मिल सकेगी।

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हिण्डौनसिटी. कैंसर रोग से जूझ रहे क्षेत्र में मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें इलाज के लिए जयपुर जाना नहीं पड़ेगा। शहर के जिला स्तरीय चिकित्सालय में राज्य सरकार ने कैंसर केयर सेंटर (डे-केयर) खोल कर रोगियों को फॉलोअप उपचार सहित अन्य चिकित्सा सेवाएं शुरू कर बड़ी सुविधा प्रदान की है। इसके तहत जिला अस्पताल में 3 बेड का डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर शुरू कर दिया है। इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही कीमोथेरेपी भी मिल सकेगी। दरअसल कैंसर रोगियों को उपचार में सहूलियत देने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में जिला स्तरीय चिकित्सालयों में 2 से 4 बेड की कैंसर केयर यूनिट की घोषणा की थी। जिसमें कैंसर रोगियों को स्थानीय पर डे-केयर के तौर पर परामर्श व उपचार की सुविधा मिल सके। इसके तहत चिकित्सालय की ओपीडी में एक कक्ष में तीन बेड की कैंसर केयर यूनिट स्थापित कर शुरू कर दी है। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि चिकित्सालय में मरीजों को सभी प्रकार की फॉलोअप कीमोथेरेपी दी जाएगी।

इसके जयपुर के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, एसएमएस मेडिकल कॉलेज से प्रशिक्षण लेकर आए फिजिशियन डॉ. अंकुश अग्रवाल को सेंटर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही भर्ती रोगियों की देखरेख के लिए डेडिकेटेड़ स्टाफ में नर्सिंग ऑफीसर अमित शर्मा को नियुक्त किया गया है। गौरतलब है जिला चिकित्सालय में कैंसर केयर सेेंटर खुलने से स्थानीय रोगियों को बाहर जाना नहीं पड़ेगा। वहीं जयपुर के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट व अन्य अस्पतालों में फॉलोअप कैंसर रोगियों का दवाब कम होगा।

ऐसे मिलेगा मरीजों को लाभ : नोडल अधिकारी ने बताया कि यदि किसी मरीज की जांच में कैंसर की पुष्टि होती है, तो उसे परामर्श के लिए जयपुर स्टेट कैंसर इंटीट्यूट भेजा जाएगा। वहां पहली कीमोथेरेपी के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर यहां फॉलोअप उपचार दिया जाएगा। इसमें रोगियों के उपचार और कीमोथेरेपी का रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा। स्टेट इंस्टीट्यूट को भी लाभार्थियों की रिपोर्ट दी जाएगी।

कैंसर केयर सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. अंकुश अग्रवाल ने बताया कि जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन 20-25 कैंसर रोगी आते हैं। जिन्हें पेलिएटिव डिजीज यानी कीमोथेरेपी के पश्चात होने वाली बीमारियों का उपचार परामर्श दिया जाता है। जरूरत होने पर रोगियों को भीड़ भरे मेडिकल वार्ड में भर्ती किया जाता है। अब अलग से डे-केयर सेंटर शुरू होने से वातानुकूलित वार्ड में रोग उपचार ले सकेंगे। ताकि रोगियों की पैलेटिव केयर कर कैंसर के उन्नत चरणों में दर्द प्रबंधन और जीवन गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।

कैंसर केयर सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ.अंकुश अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में फॉलोअप कीमोथेरेपी के लिए आवश्यक दवाएं मंगवा ली गई हैं। जो दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें मरीजों की जरूरत के अनुसार मंगवाया जाएगा। शहर में सेंटर खुलने से अब मरीजों को अब बड़े शहरों में जाकर लंबी लाइनों में लगने और दिनभर की परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए सेंटर राहतकारी साबित होगा।

जिला अस्पताल में 3 बेड का कैंसर केयर सेंटर शुरू कर दिया है। सेंटर में प्रशिक्षित डेडीकेटेड मेडिकल स्टॉफ लगाया है। कीमोथेरेपी में उपयोग होने वाली सभी जरूरी दवाएं मंगवा ली गई हैं। एक महिला कैंसर रोगी लाभांवित भी हो चुकी है।

डॉ.पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता, पीएमओ, जिला चिकित्सालय, हिण्डौनसिटी।