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चहुंओर बही धर्म की बयार

जगह-जगह भागवत कथाओं के आयोजन

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टोडाभीम के पाड़ला गांव में सिद्धपीठ बगीची वाले बाबा के स्थान पर भागवत कथा से पहले निकाली कलश यात्रा

हिण्डौनसिटी. क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भागवत कथाओं के आयोजन से माहौल धर्ममय बना हुआ है। श्रीमहावीरजी के चांदनगांव स्थित प्रेतराज मन्दिर पर भागवत कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में धर्म के गंूजे जयकारों से माहौल धर्ममय हो गया। आयोजन समिति के कैप्टन धर्मसिंह, सुबेदार सिरमोहर, दिलसुख, रमेश गुर्जर ने बताया की कलश यात्रा में 151 महिलाएं कलश धारण कर मंगलगीत गाते हुए चल रही थी। वहीं संैकड़ों लोग जयकारे लगाते एवं संगीतमय भजनों की धुन पर नाचते चल रहे थे। कथा वाचक पं. दिगम्बर प्रसाद शास्त्री व्यास पीठ आश्रम गोवर्धन धाम घोड़ी पर सवार थे। कलश यात्रा कथा स्थल से प्रारंभ होकर गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर पहुंची। आचार्य ने कथा के प्रथम दिन भागवत कथा के महत्व के बारे में बताया। कथा सुनने के लिए महिला-पुरुषों की भीड़ रही।

इसी प्रकार जयसिंहपुरा में रविवार से भागवत कथा शुरू हुई। इस मौके पर कलश यात्रा निकाली गई। सरपंच हरसहाय गुर्जर ने बताया कि कुंजी पटेल के यहां शुरू हुई कथा से पहले निकाली कलश यात्रा में 151 महिलाएं शामिल हुईं। महिलाएं सिर पर कलश रख मंगल गीत गाती चल रही थी।कथावाचक स्वामी राजेश स्वरानंद ने पहले दिन कथा का महत्व बताया। इसी प्रकार रविवार से देवलेन गांव में सूबेदार राजेंद्र के यहां भागवत कथा शुरू हुई। कथा के तहत कलश यात्रा निकाली गई। केदार देवलेन ने बताया कि कलश यात्रा देवलेन गांव की परिक्रमा करते हुए कथा स्थल पहुंची। यात्रा में लोग जयकारे लगाते और युवक नृत्य करते चल रहे थे। कथा वाचक पंडित प्रदीप शास्त्री ने पहले दिन प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान सभी जगह हैं। कण कण मे प्रभु विराजमान हैं।

ग्राम पंचायत तिघरिया की तिलहरीकीढाणी में रविवार से कलश यात्रा में साथ भागवत कथा शुरू हुई। तिघरिया सरपंच कैप्टन हरप्रसाद तंवर के यहां शुरू हुई कथा से पहले कलश व ध्वज पूजन के साथ कलश यात्रा रवाना हुई। कलशयात्रा में महिलाएं सिर पर 108 मंगल कलश रख शामिल हुईं। कलश यात्रा कैप्टन हरप्रसाद के निवास से शुरू होकर गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। कलशयात्रा का गांव में जगह जगह जलपान, अल्पाहार व पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। कथा के पहले दिन आचार्य अवधेश शरण ने प्रवचन में भागवत कथा श्रवण का महत्व बताया और कहा कि भागवत करने से अनंत गुना फल प्राप्त होता है।

जगह-जगह कथाओं का आयोजन
टोडाभीम. पाड़ला गांव में सिद्धपीठ बगीची वाले बाबा के स्थान पर रविवार से भागवत कथा शुरू हुई। इस मौके पर बैण्डबाजों के साथ कलश यात्रा निकाली गई। नैनाराम मीना की ओर से आयोजित कथा के तहत निकाली कलश यात्रा में कथा वाचक बालकिशन चतुर्वेदी ने ध्वज व 101 कलशों का पूजन कराया। इसके बाद कलश यात्रा आयोजन स्थल सिद्धपीठ बगीची वाले बाबा के स्थान से प्रारम्भ होकर गांव में होते हुए पुन: कथा स्थल पहुंची। नैनाराम मीना श्रीमद् भागवत पुस्तक को अपने सिर पर रखकर चल रहे थे। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़े। कथावाचक पंडित बालकिशन चतुर्वेदी घोड़ी पर सवार थे। रास्ते में पुष्पवर्षा की गई। पहले दिन कथावाचक ने भागवत महात्मय की कथा सुनाई।