
करौली। उत्तर भारत के प्रसिद्ध प्रमुख शक्तिपीठ स्थल कैलादेवी आस्थाधाम में आज से कैलामाता का चैत्र लक्खी मेला शुरू हो गया है, जो 22 अप्रेल तक चलेगा। सुबह से ही माता के मंदिर में पहुंचने के लिए पदयात्रियों की कतार लगी हुई है। श्रद्धालु नाचते-गाते और माता के जयकारे लगाते हुए आस्थाधाम की ओर आगे बढ़ रहे हैं। वाहनों में माता का दरबार सजाकर श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए चल रहे हैं। लेकिन, मेले के आने के वाले श्रद्धालुओं के ये जरूरी है कि वो कब दर्शन कर सकते है।
करौली से 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कैलामाता मंदिर में 17 दिन तक आस्था का सैलाब देखने को मिलेगा। मेले के दौरान माता के दर्शन तड़के 4 बजे मंगला आरती से रात 9 बजे तक हो रहे हैं। लेकिन, यह तय है कि मेले में दर्शनार्थियों की अधिक संख्या के मद्देनजर माता का दर्शन समय भी बढ़ाया जा सकता है।
कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट के विवेक द्विवेदी ने बताया कि मेले के मद्देनजर सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ अधिक होने की स्थिति में दर्शन समय रात्रि 10 बजे तक बढ़ाए जा सकते हैं। हालांकि दिन में केवल 10 मिनट के लिए माता के पट बंद रहेंगे। मेला क्षेत्र में गतिविधियां पर नजर रखने के लिए करीब 305 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
17 दिन तक भरने वाले कैलामाता के मेले की शुरूआत से एक दिन पहले ही लाखों श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जो माता के दर्शनों के लिए देर रात से ही कतारों में लगे रहे। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिन में पदयात्रियों की संख्या में और इजाफा होगा। मेले का मुख्य आकर्षण शुरू के पांच दिन और आखिरी के चार दिन देखने को मिलता है। 22 अप्रेल तक चलने वाले इस मेले में करीब 4 से 5 लाख श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए माता के दरबार में पहुंचने का अनुमान हैं। इनके अलावा करीब 30-35 लाख श्रद्धालु वाहनों से पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं।
Published on:
06 Apr 2024 04:20 pm
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